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रेलवे लाइन
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड के 120.20 किमी दोहरीकरण का कार्य अगले माह के अंत तक पूरा होगा। काम को तेज गति से पूरा कराने के लिए 100 करोड़ रुपये बजट जारी हुआ है। बड़े काम में सिर्फ झूंसी स्थित गंगा में रेलवे ब्रिज पर काम बाकी है। अन्य सभी कार्यों को पूरा करा लिया गया है। वाराणसी-माधोसिंह-प्रयागराज रेलखंड का दोहरीकरण व विद्युतीकरण हो चुका है। रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 150-160 तक होगी। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के अधिकारियों ने बताया कि दोहरीकरण व विद्युतीकरण से ट्रेनों का ट्रैक्शन नहीं बदलना होगा।
वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में इस रूट के फाइनल होते ही बिना रुके ट्रेनें वाराणसी से प्रयागराज तक आवाजाही कर सकेंगी। अब तक इस रूट पर लगभग तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन इस परियोजना के पूरा होने के बाद समय में 30 से 40 मिनट की बचत होगी। 1400 करोड़ के इस परियोजना को पूरा कराया जा रहा है, उसमें 100 करोड़ का बजट और जारी किया गया। झूंसी-दारागंज के बीच गंगा में बन रहा रेलवे पुल अंतिम चरण में है। नई तकनीक, डिजाइन से सुसज्जित नए पुल की पटरियों पर ट्रेनें रफ्तार भरेंगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
कोशिश है कि मार्च माह में काम पूरा कर लिया जाए। कार्य को तेज गति से कराने के लिए 100 करोड़ का बजट भी स्वीकृत हो गया है। वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड पर सिर्फ झूंसी गंगा पुल का काम बचा हुआ है। – अशोक कुमार, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल
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