J&K Budget: 75 चिह्नित स्थलों के पुनरुद्वार का काम होगा पूरा, प्रवेशद्वार लखनपुर में बनाया जाएग भव्य

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jammu kashmir Budget: Restoration work of 75 identified sites will be completed

बर्फबारी का नजारा
– फोटो : रोहित गुप्ता

विस्तार


जम्मू कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए 2024-25 में 75 चिह्नित विरासत स्थलों/सांस्कृतिक स्थलों के पुनरुद्वार और जीर्णोद्वार संबंधी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ 8 सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना व संचालन किया जाएगा। केंद्र शासित प्रदेश के प्रमुख स्थलों पर ध्यान केंद्रित और उन पर जोर देने के लिए लखनपुर में भव्य स्वागत/प्रवेशद्वार का निर्माण किया जाएगा।

बजट में 20 आफ बीट पर्यटन स्थलों (दस-दस जम्मू व कश्मीर संभाग में) के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का विकास किया जाएगा। केरन का सीमावर्ती पर्यटक ग्राम के रूप में विकास होगा। इसी तरह तोसा मैदान और सीतारण सर्किट का विकास किया जाएगा। माक विलेज के रूप में पारंपरिक व्यवस्था के साथ सांबा में डुग्गर दानी का विकास होगा। 

पर्यटन स्थल पटनीटाप में 130 मीटर (425 मीटर) ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ का निर्माण और स्थापना की जाएगी। श्रीनगर में अत्याधुनिक सुफियाना स्कूल के संचालन सहित संरचित कार्यक्रमों के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में सूफीवाद के प्रचार और प्रसार को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश में सभी पुस्तकालयों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।

डल झील में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र होगा स्थापित

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए श्रीनगर डल झील में 100 किलोवाट का फालेटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र संस्थापित किया जाएगा। सरकारी भवनों पर रूफटॉप लगाने को लेकर तेजी से काम होगा। सरकार लगभग चार मेगावाट के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जायेंगे। पीएस कुसुम घटी सी के तहत चरणबद्ध रूप से 40 हजार ए सी कृषि पंपो को सौर पंप द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। 

पजनजातिय क्षेत्रों में पांच हजार उन्नत बयोमास कुक-स्टोव उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वायु प्रदूषण और इंधन के उपयोग को काम किया जा सके। सौर पार्कों के विकास के लिए भूमि बैंक की पहचान की जाएगी। विशेष क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत पर्यटन और धार्मिक स्थलों को पूर्ण रूप से सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने का कार्य किया जाएगा।

4000 किमी. सड़क पर कोलतार बिछेगा

जम्मू। नए वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)/शहर और कसबों संबंधी योजना/केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ)/राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ऋण सहायता/गड्ढा मुक्त सड़क योजना के तहत जम्मू कश्मीर की 4000 किलोमीटर लंबी सड़क पर कोलतार बिछाने का प्रावधान रखा गया है। ब्यूरो

स्टार्ट अप पारिस्थितिकी तंत्र को नई नीति लाई जाएगी

जम्मू कश्मीर में औद्योगिक विकास में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 46 नए औद्योगिक संपदाओं की पहचान की गई है। इसमें निवेशकों को आमंत्रित करने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।

वर्ष 2024-25 के दौरान जम्मू कश्मीर ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (जेएंडके आरईजीपी) के तहत 1167 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टार्ट अप पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए नई नीति लाई जाएगी। मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों में अवसंरचना का उन्नयन किया जाएगा। निजी औद्योगिक संपदा विकास नीति को नया रूप दिया जाएगा।

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