Bihar Weather : अगले तीन दिनों तक नहीं मिलेगी पछुआ हवा से राहत; इन जिलों में बारिश के आसार, अलर्ट जारी

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Bihar Weather: There will be no relief from westerly wind for three days; Chances of rain in these districts

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला

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पूरे बिहार में पछुआ हवा की तेज रफ्तार ने कनकनी बढ़ा दी है। मौसम विभाग इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कहा है कि आने वाले तीन दिनों तक पछुआ हवा की रफ्तार से लोगों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। अगले दो से तीन दिनों तक पछुआ हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर से लेकर 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रहने की संभावना है। इससे लोगों को कंपकंपाने वाली ठंड महसूस होगी।

2 से 4 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है

मौसम विभाग का यह मानना है कि आने वाले तीन दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो बिहार में दिन के तापमान में परिवर्तन के साथ यह तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 24 डिग्री सेल्सियस और रात के तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की पूर्वानुमान बताई है। बुधवार को सुबह से ही खिली धूप के बीच लोगों ने थोड़ा राहत महसूस की है। इससे लोगों की दिनचर्या धीरे-धीरे पटरी पर आना शुरू हो गया है। छोटे-मोटे व्यापार करने वाले लोगों के लिए बुधवार की धूप एक राहत भरी धूप के रूप में देखी गई। ठंडी हवाओं के बीच लोगों ने गुनगुनी धूप से काफी हद तक राहत की सांस ली है।

पटना सहित 23 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, बक्सर, भोजपुर, भभुआ, रोहतास, भागलपुर, बांका, जमुई, खगड़िया में मौसम विभाग ने बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के कुछ जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। पश्चिम विक्षोभ के कारण 8 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं पटना सहित 23 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट और 8 शहरों के तापमान में वृद्धि दर्ज की गयी। पटना का अधिकतम पारा 2.1 डिग्री सेल्सियस चढ़ा और न्यूनतम 1.9 डिग्री सेल्सियस गिरा। न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का यह मानना है की मौसम के इस उतार चढ़ाव का असर आम लोगो के जनजीवन, पशु पक्षियों के अलावा पेड़ पौधों और फसलों पर भी पढ़ सकता है। माना जा रहा है कि पछुआ हवा के प्रकोप के कारण आम और लीची के फसल में विलंब हो सकती है।

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