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गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा के भक्त माता की 10 महाविद्याओं की गुप्त रूप से ही साधना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक, अघोरी और महाकाल के भक्तों के लिए गुप्त नवरात्रि बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. गुप्त नवरात्रि पर तांत्रिक, अघोरी तंत्र-मंत्र की सिद्धि प्राप्त करते हैं.

गृहस्थ जीवन वाले लोग गुप्त नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा की पूजा उपासना करने से व्यक्ति के जीवन से तमाम तरही की परेशानियां दूर हो जाती है.

गुप्त नवरात्रि में कलश स्थापना का भी विशेष महत्व है. कलश स्थापना करने के बाद मां दुर्गा के समक्ष सुबह शाम दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करें.

गुप्त नवरात्रि में पूजा के समय मां दुर्गा को लौन्ग और बताशे का भोग लगाएं.

कलश स्थापना करते समय मां दुर्गा को लाल रंग के पुष्प और लाल रंग की चुनरी भी अर्पित करें.

मां दुर्गा की पूजा के समय लौंग, कपूर हवन के दौरान माता को अर्पण करें.

गुप्त नवरात्रि में 9 दिन तक दोनों समय मंत्र जाप, दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ और आरती करें.
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