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आरिश का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए उपद्रव में बदायूं के सहसवान कस्बा निवासी युवक की भी मौत हो गई। उसके सिर में गोली लगी थी। बरेली में गोपनीय रूप से उसका उपचार कराया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह मौत के बाद सहसवान कस्बे में चुपचाप उसके शव को दफन कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सहसवान कस्बे के मोहल्ला दहलीज निवासी 22 वर्षीय आरिश पुत्र गौहर हल्द्वानी में कबाड़ा खरीदने और बेचने का काम करता था। इसके अलावा वह एक खराद मशीन पर भी काम करता था। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने पथराव के साथ दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। हिंसा में छह लोगों की जान चली गई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान सहसवान कस्बे के आरिश को भी सिर में गोली लगी थी।
उसके साथ के लोगों ने बरेली के एक निजी अस्पताल में उसका गुपचुप रूप से उपचार कराया लेकिन शुक्रवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले गुपचुप रूप से उसका शव सहसवान ले आए और दोपहर बाद उसको दफन कर दिया। परिवार वालों ने इस संबंध में पुलिस को न कोई सूचना दी और न अब कोई कुछ बताने को तैयार है।
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