[ad_1]

Haldwani Violence
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आठ फरवरी की रात जब उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना घेरने के साथ आगजनी शुरू की, तब इसमें कई अधिकारी और कर्मचारी फंस गए थे। उपद्रवी थाने में घुसने की कोशिश में थे। पर उनकी ओर से थाने के बाहर की गई आगजनी ही दीवार बन गई, जिसे वे लांघ नहीं सके और थाने में नहीं पहुंच सके।
अगर वे थाने के अंदर पहुंचने के साथ थाने में मौजूद असलहा पाने में सफल हो जाते, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी, क्योंकि थाने से कुछ कदमों की दूरी पर बाजार समेत दूसरे इलाके थे, जहां तक उपद्रव कर आग पहुंच सकती थी।
सूत्रों के अनुसार, बिगड़ते इन हालात और आशंकाओं के मद्देनजर आखिरकार गोली चलाने का फैसला किया गया। आठ फरवरी को टीम मलिक के बगीचा में अतिक्रमण हटाने को पहुंची थी। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे से कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया।
विरोध ने देखते-देखते हुए उग्र रूप धारण कर लिया। विरोध की यह आग अतिक्रमण स्थल से लेकर बनभूलपूरा थाने तक पहुंच गई। थाने के बाहर खड़े वाहनों में आग लगाना शुरू कर दिया। इसमें प्रशासनिक, पुलिस के अधिकारी के अलावा पुलिस कर्मी फंस गए।
[ad_2]
Source link