Valentine week: वेलेंटाइन वीक की एक खूबसूरत तस्वीर… बहुत दौड़ लिया, आव अब घर चलें, जानें – पूरा मामला

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तलाक, पति-पत्नी के बिगड़ते रिश्तों की आए दिन आने वाली खबरों के बीच बख्शी का तालाब से आई पति-पत्नी की ये तस्वीर खास है। इस पर कई तर्क-वितर्क हो सकते हैं। प्रगतिवादी इसे अलग नजरिये से देख सकते हैं। पर, इसके पीछे जो भावनाएं हैं, वह बेहद खूबसूरत हैं।

रविवार को सांसद खेल स्पर्धा के तहत यहां 5 किमी की दौड़ (सेमी क्वार्टर मैराथन) थी। राजू वर्मा की पत्नी संगीता भी दौड़ में शामिल थीं। संगीता एक किमी. की दूरी नापने ही वाली थीं कि पति राजू ने संगीता की हालत देख उन्हें रोक लिया।

कोई कुछ समझ पाता कि वह पत्नी को कंधे पर उठाकर किसान पथ की ओर बढ़ गए। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने जब रोका तो राजू ने कहा- हम पुरस्कार में मिलने वाले 31 हजार रुपये गिनकर पत्नी को दे देंगे, लेकिन दौड़ाएंगे नहीं। वह पत्नी को कंधे पर उठाकर चले गए।




सांसद खेल स्पर्धा के तहत रविवार को बख्शी का तालाब तहसील मोड़ पर सेमी क्वार्टर मैराथन में हजारों महिलाएं साड़ी पहनकर दौड़ीं। इसमें अंशिका रावत प्रथम, ममता द्वितीय व पायल तृतीय स्थान पर रहीं। केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने इन्हें क्रमश: 31 हजार, 21 हजार और 11 हजार रुपये का चेक देकर पुरस्कृत किया। मैराथन में नगुआमऊ गांव की रहने वाली 60 साल की रामेश्वरी उर्फ रामप्यारी ने भी हिस्सा लिया और दौड़ पूरी की।

किसान पथ अंडरपास के नीचे रविवार को हजारों महिलाएं सांसद खेल स्पर्धा के तहत आयोजित सेमी क्वार्टर मैराथन में भाग लेने पहुंचीं। तहसील मोड़ से शुरू हुई दौड़ बीकामऊ मोड़ से होकर वापस तहसील मोड़ पर ही सम्पन्न हुई। इसमें दौड़ने वाली हजारों महिलाओं में से 33 को पुरस्कृत किया गया गया। सिरसा कमलापुर की अंशिका रावत ने दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर 31 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। 


जबकि रजौली की रहने वाली ममता ने द्वितीय स्थान हासिल कर 21 हजार और पायल ने तृतीय स्थान हासिल कर 11 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। इसी तरह अन्य महिलाओं को क्रमशः 2100, 1100 और 501 रुपये का पुरस्कार मिला। साठ वर्षीय रामेश्वरी को भी केंद्रीय राज्यमंत्री ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, सदाशिव मिश्र, संजय सिंह, जगदंबा त्रिपाठी, रवि प्रकाश तिवारी, विवेक सिंह चौहान, अतुल मिश्र आदि मौजूद रहे।


इन्हें भी मिला पुरस्कार

अंशु यादव, संगीता, रेशमा, गीता, निकिता रावत, नैंसी, प्रियांशी रावत, सरिता, सुमन चौहान, मोहिनी, रीना, सुनीता देवी, अंजू रावत, नमिता रावत, निहारिका यादव, सीमा रावत, रोहिनी, रोली रावत, शुभी पाल, नीलम, ज्योति, अंजली रावत, नीतू, रूबी, कांति, मालती देवी, मनोरमा, दीपा रावत, शिवानी रावत और कामती ने भी महिला मैराथन में भाग लेकर पुरस्कार जीता।


पहली बार दौड़ी, मार लिया मैदान

पांच किलोमीटर की दौड़ आधे घंटे में पूरी कर प्रथम पुरस्कार जीतने वाली बख्शी का तालाब के सिरसा कमालपुर गांव की रहने वाली अंशिका रावत ने बताया कि इसके पहले वह कभी नहीं दौड़ीं। वह पहली बार दौड़ीं और प्रथम स्थाल हासिल कर लिया। सरस्वती विद्या मंदिर में सातवीं की छात्रा अंशिका के पिता संतोष रावत किसान हैं। चार भाई बहनों में अंशिका सबसे छोटी हैं। अंशिका ने बताया कि भाई रोहित ने उन्हें दौड़ने के लिए प्रोत्साहित किया और प्रथम आने पर आज ही स्कूटी खरीदकर देने का वादा किया है।


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