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पालना घर की कल होगी शुरुआत
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के गया सेंट्रल जेल में नन्हे बच्चों के लिए पालना घर खुलेगा। पालना घर खुलने से ड्यूटी पर जाने वाली महिला कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी। पालना घर खोलने के लिए केंद्रीय कारा में तैयारी शुरू कर दी गई है। इस पालना घर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर कामकाजी मांएं अपनी ड्यूटी सकेंगी। इससे महिला कक्षपाल को खासी राहत मिलेगी। महिला कक्षपाल जब ड्यूटी पर रहेगी तो इस दौरान उनके बच्चों की पालना घर में तैनात कर्मी देखभाल करेंगे।
कारा अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा ने बताया कि यह निर्देश आया कि जहां 25 से अधिक महिलाएं कर्मी कार्यरत हैं, वहां पालना घर खोला जाएगा। इसी को लेकर यहां भी पालना घर खोला जा रहा है। यहां वर्तमान समय में 30 महिला कर्मी कार्यरत हैं। उनमें से छह ऐसी महिला कक्षपाल हैं, जिसके बच्चे पांच वर्ष से कम उम्र के हैं।
खेलने और खाने का भी है इंतजाम
जानकारी के मुताबिक, इस पालना घर में नन्हे-नन्हे बच्चों के लिए खेलने के विभिन्न सामान के साथ उनके खाने के लिए भी सामग्री उपलब्ध रहेगी। यहां रहे बच्चों को भूख लगने पर उन्हें खाना और दूध भी दिया जाएगा। शुरुआत में महिला कक्षपाल को ही इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके बाद पालना घर के लिए दो महिला कर्मी नियुक्त की जाएंगी। जो आठ घंटे तक यहां रहे बच्चों की देखभाल करेंगी।
कल होगा इसका शुभारंभ
कारा अधीक्षक ने बताया कि 14 फरवरी 2024 को इस पालना घर का शुभारंभ होना है। कारा अधीक्षक सतीश कुमार सिंह और सहायक कारा अधीक्षक राघवेंद्र प्रताप के अलावा अन्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
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