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मिट्टी में दबे बच्चों को बाहर निकालते ग्रामीण
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के किशनगंज में अचानक मिट्टी धंस जाने और उसमें दबने से चार बच्चों की मौत हो गई। दरअसल, बंगाल के भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बॉर्डर आउट पोस्ट चेतनगाछ के बीएसएफ जवानों ने अपनी ड्यूटी के स्थान से लगभग तीन सौ मीटर की दूरी पर ग्रामीणों का शोर सुना। जवानों ने तुरंत मामले की जानकारी कंपनी कमांडर को दी, जो बीओपी के कुछ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि कुछ ग्रामीण जमीन खोद रहे थे और मिट्टी के नीचे दबे कुछ बच्चों को निकालने की कोशिश कर रहे थे।
इस गतिविधि के बारे में पूछने पर लोगों ने बताया कि कुछ लोग घटनास्थल से एक जेसीबी और कुछ ट्रैक्टरों की मदद से मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। इस दौरान कुछ बच्चे भी वहां खेल रहे थे। अचानक मिट्टी ढीली होने के कारण धंस गई और बच्चों के ऊपर गिर गई, जिस वजह से वे मिट्टी में दब गए थे। इसके बाद कंपनी कमांडर ने तुरंत मिट्टी बाहर निकाले गए बच्चों को चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल ले जाने के लिए दो बीएसएफ वाहन उपलब्ध कराए, क्योंकि नागरिकों के पास उस समय कोई अन्य वाहन उपलब्ध नहीं था। हालांकि, सिविल अस्पताल चोपड़ा पहुंचने पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने चार बच्चों की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीमा सुरक्षा बल ने एक बयान जारी कर कहा कि BSF हमेशा जरूरत के समय सीमावर्ती आबादी की मदद करती है। उसके साथ खड़ी रहती है, चाहे कोई भी समय हो और वह पहली प्रतिक्रिया कर्ता है जो सीमावर्ती आबादी को आवश्यक सहायता प्रदान करती है। बीएसएफ परिवार की संवेदना उन सभी परिवारों के साथ है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है।
वहीं, स्थानीय निवासी तराबुद्दीन शेख ने बताया कि चार बच्चों की मौत हुई है। जेसीबी और कुछ ट्रैक्टरों की मदद से मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। इस दौरान कुछ बच्चे खेल रहे थे, अचानक मिट्टी ढीली होने के कारण धंस गई और उनके ऊपर गिर गई। वहीं, स्थानीय निवासी वहां से मिट्टी काट रहे थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मिट्टी काटने के लिए स्थानीय लोगों ने बीएसएफ से अनुमति ली थी या नहीं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने अर्थमूवर को जाम कर अपना गुस्सा जाहिर करना शुरू कर दिया। वहीं, सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।
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