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पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते जिले भर के अधिवक्ता
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के मुजफ्फरपुर में जिले के अधिवक्ताओं ने लाल बिल्ला लगाकर प्रतिरोध मार्च निकाला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। दरअसल, जिले के काजी मोहम्मदपुर थानाक्षेत्र में सात फरवरी की रात पुलिस जांच में घर लौट रहे एक अधिवक्ता पंकज कुमार की आंख फूट गई थी। इसे लेकर अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय से जिला समाहरणालय तक प्रतिरोध मार्च करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि महज एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर बाकी को बचाने का काम पुलिस ने किया है, जो कि जिले के अधिवक्ताओं के मान-सम्मान का हनन है। उन्होंने कहा कि और कार्रवाई न होने तक हम विरोध-प्रदर्शन को जारी रखेंगे। इस मामले को ऊपर तक लेकर जाएंगे, ताकि निर्दोष अधिवक्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा हो सके।

जानकारी के मुताबिक, बीते सात फरवरी को अधिवक्ता पंकज कुमार अपने पूरे परिवार से साथ घर लौट रहे थे। इस दौरान उन्हें काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के पावर हाउस चौक के पास जांच के लिए रोका गया। फिर उनके साथ बदसलूकी की गई और इसी बीच आरोप है कि डंडा मारकर उनकी आंख फोड़ दी गई थी। उसके बाद से पीड़ित अधिवक्ता पंकज कुमार के मामले में दोषी सभी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसके बाद सभी साक्ष्य के बाद भी पुलिस के वरीय अधिकारी द्वारा एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया था। लेकिन इस मामले को लेकर अधिवक्ता संघ ने पूरे गश्ती दल पर (जो उस घटना के वक्त मौजूद था) पर कार्रवाई की जाने की मांग की थी।
प्रदर्शन में शामिल जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम कृष्ण ठाकुर ने बताया कि मामला बेहद गंभीर होने के बाद भी पुलिस द्वारा एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाना एक गैर जिम्मेदाराना काम है। इस गंभीर मामले में FIR दर्ज कर उस घटना के समय शामिल सभी दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस बात से हम सभी अधिवक्ता में रोष व्याप्त है। हम मांग करते हैं कि अगर पूरी टीम पर कार्रवाई नहीं की गई तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे तथा हमारा विरोध और तेज होगा।
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