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केंद्रीय मंत्री नारायण राणे
– फोटो : पीटीआई (फाइल)
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प्रदेश के उद्योगों को प्रशिक्षित स्टाफ मिल सकेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश को प्रौद्योगिकी केंद्र एक्सटेंशन सेंटर व विकास एवं सुविधा कार्यालयों का तोहफा दिया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार के मंत्री नारायण राणे ने बद्दी के समीप भटोलीकलां पंचायत क्षेत्र में 100 बीघा जमीन पर बने एमएसएमई टेक्नालॉजी सेंटर का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। 120 करोड़ की लागत से बने टेक्नोलॉजी सेंटर के शुभारंभ के दौरान उप निदेशक उद्योग विभाग योगेश गुप्ता, अश्विनी शर्मा के अलावा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि लघु उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक राणा, उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, बीबीएनआईए के संगठन मंत्री मुकेश जैन व सीईओ राजीव सत्या विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
इस सेंटर में जहां प्रदेश के बच्चों को अपने अनुभव को प्रेक्टिकल ट्रेनिंग के साथ निखारने का मौका तो मिलेगा, साथ ही उद्योगों को भी यहां से ट्रेंड व स्किल्ड स्टाफ की सुविधा मिलेगी। उद्योग मालिक भी यहां इस परिसर में अपने कर्मचारियों को आधुनिक मशीनरी की ट्रेनिंग के लिए भेज सकेंगे। इसी परिसर में उद्योगों को अब डाई, मोल्ड या अन्य इस तरह के उपकरणों के लिए भी दूर भटकने की जरूरत नहीं होगी। इससे पहले उद्यमी इस तरह के कार्यों के लिए नोएडा, लुधियाना या फिर दिल्ली तक जाते थे।
समारोह के दौरान सेंटर से जुडी लघु फिल्म दिखाई गई। बद्दी परिसर में समारोह के दौरान उद्योग विभाग के अधिकारी, इंडस्ट्री एसोसिएशनों के पदाधिकारी व उपस्थित रहे। एमएसएमई टेक्निकल जरनल मैनेजर सुखमण सिंह ने बताया कि इस सेंटर से अब यहां एक साथ 60 प्रशिक्षु मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन साल का डिप्लोमा ट्रेनिंग कर सकेंगे। आरक्षित वर्ग के लिए यहां फीस पर भी काफी छूट दी जाएगी। परिसर के अंदर ही 100 लड़कों व करीब 80 लड़कियों के छात्रावास की व्यवस्था भी की गई है। पहला बैच शुरू कर दिया गया है और उनकी पढ़ाई शुरू करवा दी गई है।
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