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असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अली खड्ड पानी विवाद मामले में सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने शुक्रवार को सदन से वाकआउट कर दिया। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के नियम-62 के तहत लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भाजपा और कांग्रेस विधायक दल में जमकर नोकझोंक हुई। सरकार की ओर से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन को बताया कि अर्की विधानसभा की 8 पंचायतों और दाड़लाघाट के 71 गांवों के लिए नवगांव खड्ड के बाएं छोर से पेयजल योजना बनाई जा रही है।
योजना का निर्माण स्थल जिला सोलन की सीमा के भीतर है। इस पर अब तक करीब एक करोड़ आठ लाख खर्च हो चुके हैं। इसकी अनुमानित लागत 5.92 करोड़ रुपये है। अली खड्ड के साथ लगते गांवों के लोग यह कहकर निर्माण कार्य में बाधा पैदा कर रहे हैं कि यह योजना अंबुजा सीमेंट कंपनी के लिए बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों के एतराज के बाद उपमुख्यमंत्री के आदेशों पर जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी।
कमेटी ने रिपोर्ट में बताया कि इस योजना से अन्य स्कीमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया। योजना में अली खड्ड से बहुत कम पानी उठाया जाना है, जिससे अन्य योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी। इस बीच सीपीएस संजय अवस्थी और रणधीर शर्मा के बीच बहस हुई। रणधीर शर्मा ने जन प्रतिनिधियों पर हुए लाठीचार्ज की जांच की मांग उठाई। सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी तो रणधीर शर्मा ने कहा कि बोलने का मौका नहीं दे रहे। इसके बाद असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में हंगामा, वाकआउट
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दो दिन से चल रही चर्चा के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के जवाब पर विपक्ष ने सदन में नारेबाजी कर वाकआउट कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आपदा पर सदन में गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल को करोड़ों रुपये दिए, राज्यपाल के अभिभाषण पर इसका जिक्र तक नहीं किया। इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और भाजपा के वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। विपिन सिंह परमार ने कहा कि आपदा पर लोगों को पैसा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में केंद्र की 90 फीसदी योजनाओं को शामिल किया है। सरकार ने इसका धन्यवाद तक नहीं किया। इसको लेकर मुख्यमंत्री और परमार के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
विनियोग विधेयक 2024 ध्वनिमत से पारित
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2024 सदन में रखा। विधेयक के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों से सदन को अवगत करवाया। सदन में सत्ता पक्ष के ध्वनिमत से हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2024 पारित हो गया।
सदन में फाइलें निपटाते रहे मुख्यमंत्रीशुक्रवार को मुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही में भाग लेने के साथ जरूरी फाइलें भी निपटाते रहे। एक-एक कर मंत्री और विधायक भी अपनी फाइलों पर मुख्यमंत्री से हस्ताक्षर करवाते रहे। उन्होंने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और प्रधान सचिव आरडी नजीम भी इस दौरान अधिकारियों की दीर्घा में मौजूद रहे।
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