[ad_1]

up police demo
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में युवक ने खुद को पुलिस उपनिरीक्षक बताया। इस पर पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर 5.85 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। बाद में दबाव बनाने पर 4.95 लाख रुपये वापस कर दिए। पीड़ित ने महिला सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना अवागढ़ में तहरीर दी है।
शैलेष निवासी करुआवारा थाना सोरों जिला कासगंज ने बताया कि करीब सात महीने पहले उसे इकरार निवासी बड़ा बाजार कस्बा व थाना मारहरा हाल निवासी नगला मोती थाना अवागढ़ मिला। जो पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। उसने खुद को पुलिस में दरोगा बताया। पुलिस ने नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।
दो महीने में घर पहुंच जाएगा नियुक्ति पत्र
अवागढ़ निवासी मूलचंद्र, उसकी पत्नी नीरज व अन्य साथियों संग मूलचंद्र के मकान पर 5.85 लाख रुपये लिए। बताया कि दो महीने में तुम्हारी नियुक्ति पत्र घर पहुंच जाएगा। दो महीने बाद जब नियुक्ति पत्र नहीं लला तो फोन पर बात की। इस पर फर्जी दरोगा ने कहा कि कुछ और दिन की बात है। तुम वर्दी तैयार करा लो।
शक हुआ तो तहकीकत कर रुपये मांगे। इस पर फर्जी दरोगा ने शिकायत करने पर मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जब मैंने इधर-उधर से दबाव बनाया तो उसने 4.95 लाख रुपये सिकंदराराऊ में दे दिए। बाकी 90 हजार रुपये 15 दिन में देने को कहा।
पुलिस कर रही मामले की जांच
इसके बाद मैंने उसका फोन मिलाया तो नंबर बंद था। मूलचंद की पत्नी नीरज से बात हुई तो उसने बताया कि हमारे पास कुछ नहीं है। इनका एक सक्रिय गैंग है जो ठगी का काम करता है। थाना प्रभारी जयंत प्रसाद मौर्य ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
[ad_2]
Source link