[ad_1]

बेतिया व्यवहार न्यायालय
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के बेतिया व्यवहार न्यायालय में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश जावेद आलम ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के नामजद आरोपी को दोषी पाते हुए तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायाधीश ने दोषी पर छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा न करने पर दो महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह मामला स्पीड ट्रायल में चयनित था। महज एक वर्ष में इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधीश ने सजा सुनाई है। दरअसल, बेतिया में नाबालिग लड़की का अपहरण कर छेड़खानी करने के एक मामले की सुनवाई पूरी की गई है।
जानकारी के मुताबिक, 18 अगस्त 2021 को सहोदरा थाना क्षेत्र के एक गांव से शौच करने खेत की तरफ एक नाबालिग लड़की गई। इसी दौरान सजायाफ्ता नजरे आलम ने कुछ लोगों के साथ मिलकर नाबालिग बच्ची का अपहरण कर लिया था। इस मामले में नाबालिग बच्ची के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ने नजरे आलम को सजा सुनाई है।
न्यायाधीश ने पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 75 हजार रुपये सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। सजायाफ्ता आरोपी पुलिस जिला के शिकारपुर थाना क्षेत्र के ठठवा गांव निवासी नजरे आलम है। वहीं, पॉक्सो के अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना 2021 की है।
[ad_2]
Source link