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चंद्र कुमार।
– फोटो : अमर उजाला
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सरकार ज्वालाजी और नालागढ़ स्थित गो सदनों की जांच करवाएगी। पशुधन की निगरानी के लिए अब प्रदेश में टैग की जगह चिप लगाई जाएगी। मंगलवार को प्रदेश के कई गो सदनों में व्याप्त अनियमितताओं के मामले पर गरमाए विधानसभा सदन की कार्यवाही के बीच कृषि और पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने यह एलान किया। कृषि मंत्री की एक टिप्पणी पर विपक्ष के सदस्य भड़क भी उठे। उन्होंने मंत्री के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए सदन में खूब हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कार्यवाही से मंत्री के शब्द हटाने की बात कहकर विपक्ष को शांत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गो अभयारण्यों में हर सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि पर भी निर्माण किए जाएंगे। गऊ को माता का दर्जा दिया गया है, इसे कांग्रेस सरकार महज कागजों तक ही सीमित नहीं रखेगी।
सुविधाओं से लैस होंगे गो अभयारण्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रयास करेगी कि प्रदेश में बनने वाले नए गो अभयारण्यों में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। निर्माण के लिए अगर सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होगी तो सरकार निजी भूमि लेने का भी प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार गो वंश को खुले में छोड़ने वालों से सख्ती से निपटेगी। इससे पहले कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने सवाल किया कि ऊंचाई वाले इलाकों में गो सदनों में डाॅक्टर नहीं जाते हैं। विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि गो सदनों की हालत खराब है और इसमें सुधार की जरूरत है।
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