Hathras: मुरसान रेलवे फाटक बंद करने पर लोगों में रोष, बढ़ता जा रहा विरोध, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

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Anger among people over closing of Mursan railway gate

रेलवे फाटक बंद करने को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष से बातचीत करतीं एसडीएम सदर
– फोटो : संवाद

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हाथरस के मुरसान में मथुरा-कासगंज रेल खंड पर कस्बा मुरसान की रेलवे क्रासिंग संख्या 324सी को बंद किए जाने का मामले में अब जिला प्रशासन सीधे तौर पर शामिल हो गया है। प्रशासन की ओर से इस रेलवे फाटक को बंद किए जाने का सीधे तौर पर अनुमति नहीं दी जा रही। 21 फरवरी को मुआयना करने पहुंची एसडीएम सदर लवगीत कौर ने आम लोगों समस्याएं सुनीं।

मुरसान की रेलवे फाटक संख्या 324सी को बंद किए जाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। 21 फरवरी सुबह क्षेत्रीय लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। इसके बाद एसडीएम सदर मौके पर पहुंची। यहां फाटक का मुआयना किया। स्थानीय लोगों, व्यापारियों, राहगींरों आदि के बीच बैठक कर समस्या को सुना। लोगों का कहना था कि रेलवे फाटक बंद होने से सड़क यातायात काफी प्रभावित होगा। आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह ने एसडीएम को डीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा। 

उन्होंने कहा, समपार संख्या 323 पर तीन इण्टर कॉलेज, दो हाईस्कूल व 05 जूनियर हाईस्कूल व एक डिग्री कॉलेज है। सब्जी मंडी, सामदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंबुलेंस का आने व जाने का रास्ता भी है। इसके आलावा सादाबाद तहसील के लिये आवागन का भी इसी फाटक पर प्रभाव पड़ता है। फाटक संख्या 324 सी को बंद किया जाता है तो इसका भी भार रेलवे फाटक संख्या 323 पर आ जायेगा, जिससे यातायात और अधिक प्रभावित होगा। ज्ञापन देते वक्त जिला पंचायत सदस्य गरुड़ध्वज सिंह, हंबीर सिंह, प्रवीण पौनिया, रामवीर सिंह पोनियां, नीरज सिंह, विष्णु कुमार, पूरन सिंह, हेमंत चौधरी, वीरेंद्र सिंह, बद्री प्रसाद, मनोज चौधरी थे।

मुरसान की रेलवे फाटक संख्या 324 सी पर दर्ज टीवीयू

बड़ी संख्या में वाहन होंगे प्रभावित

कस्बा मुरसान के रेलवे फाटक बंद करने का विरोध आंकड़ों के अनुसार भी बड़ी समस्या बन सकता है। एक सर्वे की मानें तो रेलवे क्रासिंग का प्रयोग रोज 36,390 वाहन चालक करते हैं। 2022 में किए गए सर्वे में स्पष्ट है कि यहां की (टीयूवी) टोटल व्हीकल यूनिट 36,390 है। रेलवे की ओर से हर एक रेलवे फाटक पर तीन साल में एक सर्वे कराया जाता है। ये सर्वे लगातार तीन दिन चलता है। जिसमें हर रोज 24 घंटे में निकलने वाले वाहनों की गणना की जाती है। रेलवे नियमों के अनुसार 3000 से अधिक टीवीयू वाले फाटक को बंद नहीं किया जा सकता।

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