Amar Ujala Samvad: सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर के सफर के सवाल पर दिया ये जवाब

[ad_1]

Amar Ujala Samvad MP Sudhanshu Trivedi gave answer on question of journey from Ram Mandir to Rashtra Mandir

MP Sudhanshu Trivedi
– फोटो : अमर उजाला

राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देखिए उस दिन की इस्तुती के लिए जो हम इस दिन यहां एकत्र हुए है और उसके लिए मैं सबसे पहले एक पंक्ति कहना चाहूंगा। आपने आचार्य मिथलेश नंदिनी जी को बुलाया जो धर्म के ज्ञान के प्रतीक हैं। मैं राजनीति के क्षेत्र से आता हूं जो कर्म की प्रतीक है, योगीराज जी उपासना का प्रतीक हैं। यदि ज्ञान, कर्म और उपासना तीनों राम की स्तुति के लिए उपस्थित हों तो भारतीय संस्कृति का अमर उजाला प्रस्तुत होने का समय आ गया है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि कष्ट हो जाए तो हे राम, अचूक है तो राम बाण, भरोसा है तो राम भरोसे। राजनीति में हैं तो आया राम, गया राम। दो भाई दिख जाएं तो राम-लक्ष्मण की जोड़ी। नव दंपती दिखें तो कहते हैं कि राम-सीता की जोड़ी। प्रसिद्ध गीत की पंक्ति याद आती है

जन जन के मन में राम रमे, और प्राण-प्राण में सीता है।

हर हृदय की धड़कन रामायण, पग-पग पर बनी पुनीता है।

यदि राम नहीं हैं सांसों में, तो प्राणों का घट रीता है। 

तो नर नाहर श्री पुरुषोत्तम का हम मंदिर भव्य बनाएंगे। 

सौगंध राम की खाते हैं हम मंदिर वहीं बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को सौगंध पूर्ण हुई। अद्भुत आनंद था। जिस दिन पहली कार सेवा हुई और जब 9 नवंबर 2019 को फैसला आया तब देवउत्थानी एकादशी थी। भगवान राम का जब राज्याभिषेक हुआ था, तब सुग्रीव, निषाद राज का पहले राज्याभिषेक हुआ, माता शबरी का सम्मान हुआ। राम को समझने के लिए यही दृष्टि चाहिए। सोइ जानइ जेहि देहु जनाई। जानत तुम्हहि तुम्हइ होइ जाई॥ 22 जनवरी का मुहूर्त 84 सेकंड का था। कोई धर्म संस्कृति बताइए जो इतनी सटीक गणना कर सकती हो। हमारी घड़ी ग्रहों की स्थिति पर चलती है। हम कहते हैं- ब्रह्मा आयु द्वितीय परार्धे। 155 ट्रिलियन वर्षों की गणना कोई और सकता है?

 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *