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सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रतिभा सिंह व अन्य।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बागी वापस आना चाहें तो उनका स्वागत है। गुरुवार शाम को ओकओवर शिमला में प्रेसवार्ता करते हुए सुक्खू ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ क्राॅस वोटिंग करने वाले छह विधायक हमारे भाई हैं। इनकी गलती माफ की जा सकती है। दो विधायकों की पत्नियों ने घर में आकर मुझसे बात भी की है लेकिन विधायक अभी हिमाचल से बाहर हैं, उनके पास फोन भी नहीं है। मेरी कमी रही कि मैं शराफत में रह गया। पूरे घटनाक्रम में खुफिया तंत्र का भी फेलियर रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी की हार की जिम्मेवारी भी ली। चुनाव टाई हुआ था। पर्ची से भाजपा को सीट मिली है।
षड़यंत्र के तहत मेरे इस्तीफे की बात फैलाई
षड़यंत्र के तहत मेरे इस्तीफे की बात की अफवाह तक फैलाई गई, ताकि बजट पारित करते हुए वोटिंग के दौरान हमारी संख्या कम हो जाए।भाजपा किस आधार पर सरकार बनाने का प्रयास कर रही, यह समझ से परे है। इनके पास 25 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय विधायक भाजपा के साथ ही जाने थे। भाजपा ने मतदान केंद्र में माहौल खराब किया। विस परिसर में बैरिकेड्स तोड़े। सीआरपीएफ के साथ आए। शिमला में दिन भर हरियाणा के हेलिकाप्टर मंडारते रहे। बागी विधायक अगर सदन में आ जाते तो उन्हें कोई डर नहीं था, उनकी तो डिसक्वालीफिकेशन भी नहीं हुई थी। उनके अपने अंदर डर था, इसी कारण से हरियाणा में रुके हैं। जनता के वोट से जीतकर आने के बाद जो विधायक बिक गए हैं, उन्हें जनता सबक सिखाएगी। हमारी सरकार पूरे पांच साल चलेगी।
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