छात्र-छात्राओं ने किया विरोध प्रदर्शन – फोटो : अमर उजाला
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छह दिन से सर्वर ठप पड़ा है। इससे अंकतालिका, डिग्री की छपाई नहीं हो रही। प्रमाणों के सत्यापन बंद हैं। इससे रोजाना दो हजार से अधिक छात्र मायूस होकर लौट रहे हैं। इतने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है।
विश्वविद्यालय में बीते बुधवार से सर्वर ठप पड़ा है। इससे माइग्रेशन, डिग्री, अंकतालिका, प्रोविजनल डिग्री नहीं बन पा रही है। डिग्री-अंकतालिका और माइग्रेशन समेत अन्य कार्य के लिए ऑनलाइन आवेदन भी नहीं हो पा रहा है। नौकरी समेत अन्य के लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी अटक गया है।
इनके लिए विश्वविद्यालय में रोजाना 1800 से 2000 छात्र विश्वविद्यालय आ रहे हैं। कोई सुनवाई न होने पर मजबूरन लौटना पड़ रहा हैं। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी दिक्कत आ रही है, इसको सुधार करने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगी है। जल्द सर्वर कार्य करने लगेगा।
आगरा कॉलेज के छात्रों ने किया हंगामा
आगरा कॉलेज के 50 से अधिक छात्र विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां अंकतालिका सत्यापित नहीं होने से छात्रों ने हंगामा किया। अधिकारियों से भी शिकायत की तो उन्होंने भी सर्वर ठप होने का हवाला देकर अंकतालिका की प्रति सत्यापित नहीं की। छात्रों का कहना है कि इससे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे।
ये बोले छात्र
बीई के छात्र शिवम कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी सरकारी नौकरी में नंबर आ गया है। पांच-छह दिन से सर्वर ठप है, इससे कर्मचारियों का कहना है कि अंकतालिका-डिग्री नहीं मिल पाएगी।
जीजी नर्सिंग कॉलेज के आकाश कुमार ने बताया कि बीएससी नर्सिंग की अंतिम वर्ष की अंकतालिका नहीं मिली है। विश्वविद्यालय आए तो बताया कि सर्वर ठप है, तीन दिन से लगातार लौट रहा हूं।
आगरा कॉलेज के छात्र आयुष पाल ने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए फार्म भरना है और यहां कंप्यूटरीकृत अंकतालिका पर मुहर नहीं लगी। सर्वर के कारण अंकतालिका सत्यापित नहीं हो पा रही।
शिकोहाबाद से आए सोनू कुमार ने बताया कि बीएससी अंतिम वर्ष की डिग्री लेने के लिए दो-तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं। सर्वर नहीं चलने से डिग्री की छपाई नहीं हुई, कोई सुनवाई नहीं।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छह दिन से सर्वर ठप पड़ा है। इससे अंकतालिका, डिग्री की छपाई नहीं हो रही। प्रमाणों के सत्यापन बंद हैं। इससे रोजाना दो हजार से अधिक छात्र मायूस होकर लौट रहे हैं। इतने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है।
विश्वविद्यालय में बीते बुधवार से सर्वर ठप पड़ा है। इससे माइग्रेशन, डिग्री, अंकतालिका, प्रोविजनल डिग्री नहीं बन पा रही है। डिग्री-अंकतालिका और माइग्रेशन समेत अन्य कार्य के लिए ऑनलाइन आवेदन भी नहीं हो पा रहा है। नौकरी समेत अन्य के लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी अटक गया है।
इनके लिए विश्वविद्यालय में रोजाना 1800 से 2000 छात्र विश्वविद्यालय आ रहे हैं। कोई सुनवाई न होने पर मजबूरन लौटना पड़ रहा हैं। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी दिक्कत आ रही है, इसको सुधार करने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगी है। जल्द सर्वर कार्य करने लगेगा।