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मैनपुरी सीट पर जीत दर्ज करने के लिए भाजपा की सेना तैयार है। अब बस सेनापति का इंतजार है। प्रत्याशी का नाम जानने के लिए पदाधिकारी और कार्यकर्ता बेचैन हैं।

भाजपा जीतेगी या फिर सपना रह जाएगी यह सीट… सपा का किला भेदने की है चुनौती
– फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के लिए अभी तक सपना रही मैनपुरी लोकसभा सीट को इस बार जीतने के लिए पार्टी की सेना तैयार है। हालांकि सेना को अभी सेनापति का इंतजार है। भाजपा की पहली सूची में मैनपुरी लोकसभा सीट के प्रत्याशी का नाम नहीं होने से भाजपा की सेना परेशान है। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी का नाम जानने को पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।
वर्ष 1989 से मैनपुरी लोकसभा सीट पर लगातार समाजवादियों का कब्जा है। 1989 और 1992 में मुलायम सिंह यादव के गुरु उदयप्रताप सिंह यादव सांसद बने। उसके बाद 1996 से मुलायम सिंह यादव के परिवार का लोकसभा सीट पर कब्जा है। वर्ष 1998 और 1999 में सपा की टिकट पर बलराम सिंह यादव भी सांसद रह चुके हैं। वर्ष 1989 से भाजपा को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
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