J&K Start-up Policy: जम्मू कश्मीर में 2027 तक स्थापित होंगे 2000 स्टार्ट-अप, नई स्टार्ट-अप नीति का शुभांरभ

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jammu kashmir new Start-up Policy launched: 2000 start-ups target to be established 2027

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
– फोटो : डीपीआईआर, जम्मू कश्मीर

विस्तार


उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि ‘नई जम्मू-कश्मीर स्टार्ट-अप नीति- 2024-27’ अन्वेषकों को पेटेंट से संबंधित सहायता प्रदान करेगी। साथ ही मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप को सलाह के लिए वित्तीय सहायता, उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग (DPIIT) पंजीकरण और अतिरिक्त आवश्यकता की सुविधा भी प्रदान करेगी।

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को 2027 तक केंद्र शासित प्रदेश में दो हजार स्टार्ट-अप स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक नई स्टार्ट-अप नीति को लॉन्च करते हुए ये बातें कहीं। 22 फरवरी को उपराज्यपाल की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक परिषद ने 2018 में अधिसूचित स्टार्ट-अप नीति के स्थान पर नई स्टार्ट-अप नीति को मंजूरी दे दी।

नई नीति छात्रों, महिलाओं को उद्यमिता सुविधाएं प्रदान करने और स्टार्ट-अप स्थापित करने के लिए सरकारी, निजी और उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (एचएनआई) के माध्यम से उद्यमियों को सहायता प्रदान करने का प्रावधान करेगी।

नई नीति के लॉन्च को स्टार्ट-अप और इनोवेटर्स के लिए एक बड़ी छलांग करार दिया है। एलजी ने कहा कि इसे 2027 तक केंद्र शासित प्रदेश में 2,000 स्टार्ट-अप स्थापित करने के लिए मसौदा तैयार किया गया है, जो प्रशासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

नई स्टार्ट-अप नीति का लक्ष्य 250 करोड़ रुपये का उद्यम पूंजी कोष स्थापित करना है, जिसमें जम्मू-कश्मीर प्रशासन से 25 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश शामिल है। यह फंड विकास, प्रारंभिक चरण की वित्तीय मदद के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा और यह व्यवहार्य व्यवसाय मॉडल के विकास को प्रोत्साहित करेगा।

उपराज्यपाल ने कहा कि नई स्टार्ट-अप नीति का लक्ष्य 2027 तक केंद्र शासित प्रदेश को अग्रणी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में से एक के रूप में स्थापित करना है। सिन्हा ने कहा, ‘यह नए इनक्यूबेशन केंद्रों की स्थापना और सशक्तिकरण करेगा, नवोन्वेषी उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए जेएंडके एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (जेकेईडीआई) के माध्यम से सीड फंडिंग और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगा।’

एलजी सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश में एक गतिशील आर्थिक माहौल बनाने के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया जहां व्यापार बढ़ सके, निवेश समृद्ध हो सके और उद्यमी अपनी आकांक्षाओं को साकार कर सकें।

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