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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह
– फोटो : amar ujala
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बागी विधायकों की हालत उन भेड़ों की तरह हो गई है, जिन्हें गडरिया हांक कर कहीं भी ले जा सकता है। सोचने की बात तो यह है कि उनका भारी-भरकम खर्च कौन उठा रहा है। पंचकूला के होटल में 10 दिन रहने का बिल ही 75 लाख रुपये आया है। अब वह उत्तराखंड के ऋषिकेष पहुंच गए हैं। वहां ध्यान योग से शायद उनकी अंतरआत्मा जाग जाए। पात्र महिलाओं को मई माह से 15 सौ रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे, अप्रैल में फार्म भरे जाएंगे। वर्ष 2027 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएंगे।
सोलन के पुराने बस स्टैंड पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में वह कभी मंत्री तक नहीं बने, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया। भाजपा को यह रास नहीं आया और कुछ लोभी विधायकों की खरीद-फरोख्त करके सरकार को गिराने का असफल प्रयास किया। कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वाले यह विधायक अब होटलों में दुबके बैठे हैं।
उन्होंने दावे के साथ कहा कि सरकार पांच साल तक चलेगी और उसके बाद वह जनता की अदालत में जाएंगे, क्योंकि जनता की अदालत सबसे बड़ी है। पूर्व भाजपा सरकार 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज छोड़ गई है। इसे चुनौती के रूप में लिया और कई अहम निर्णय लेते हुए पुराने नियमों को बदला। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इतनी भीषण आपदा में प्रदेश की कोई मदद नहीं की। उन्होंने बताया कि सरकार के दूसरे बजट में 2200 करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ा है और यह भ्रष्टाचार व टैक्स चोरी के रास्तों को बंद करके बढ़ाया गया है।
सबसे बड़े खनन माफिया हैं बागी विधायक
मुख्यमंत्री कहा कि भाजपा के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने वाले विधायक बहुत बड़े खनन माफिया हैं। खनन के लिए उन्होंने विधायक का रास्ता अपनाया था। यदि उन्हें लोगों की इतनी चिंता होती तो दस-दस दिन जनता को छोड़कर होटल ललित और अब उत्तराखंड में नहीं बैठते।
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