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सीएए लागू होने के बाद देशभर में हंगामा मचा हुआ है. मामला सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है. हमेशा की तरह बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सीएए के विरोध में सुर बुलंद कर दिए हैं. उन्होंने हाबरा में बैठक से कहा, इसका कोई आधार नहीं है, चुनाव से पहले खेल चल रहा है. असम ने 19वीं सदी से पहले ऐसा किया था. 14 लाख लोगों को एनआरसी के तहत लाना. यह एक अवैध खेल है.
रमजान से पहले जानबूझ कर सीएए लेकर आई बीजेपी’
बीजेपी पर हमला करते हुए सीएम बनर्जी ने कहा, “सोच रहे हैं कि हमने छक्का मारा है पर है ज़ीरो कल से रमजान शुरु हो रहा है, ये सोचकर दिन का चयन किया. म्यांमार क्यों नहीं हुआ, अफगानिस्तान कैसे हो गया लिस्ट में ? आप लोग जैसे ही अप्लाई करेंगे आपके अधिकार छीन लिए जायेंगे, ये एनआरसी के साथ जुड़ा है, डिटेनशन कैंप में डाल दिया जायेगा.
जो कोई भी सीएए पोर्टल पर आवेदन करेगा, आपकी मौजूदा नागरिकता रद्द : ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा, जो कोई भी सीएए पोर्टल पर आवेदन करेगा, आपकी मौजूदा नागरिकता रद्द कर दी जाएगी. अब तक उन्हें जो विशेषाधिकार मिलते थे, वे हटा दिए जाएंगे. इसलिए आवेदन करने से पहले अच्छे से सोच लें. मुख्यमंत्री का आगे का बयान, यह पूरी तरह फर्जी, जूमला है. सबसे पहले आपकी नागरिकता छीन ली जाएगी. उसके बाद सीएए के जरिए नागरिकता वापसी की प्रक्रिया जारी रहेगी. लेकिन वह अधिकार वापस मिलने की कोई गारंटी नहीं है
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