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पुलिस टीम किसी तरह किसी तरह भागकर जान बचाकर थाने पहुंची। एसएसपी ने घटनास्थल का दौरा किया है। मामले में दोनों प्रधानों समेत 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
खानपुर थाना क्षेत्र के माडाबेला और शेरपुर बेला गांव अब से पहले संयुक्त पंचायत ग्राम हुआ करती थी। लेकिन परिसीमन होने के बाद इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले माडा बेला और शेरपुर बेला गांव को अलग-अलग ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया। संयुक्त पंचायत से दोनों गांव की पंचायत अलग अलग हो जाने के बाद ग्राम समाज की लगभग डेढ़ सौ बीघा भूमि को लेकर दोनों गांव के ग्रामीणों में काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है।
पुलिस इस विवाद में पहले शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई भी कर चुकी है। साथ ही एसडीएम लक्सर ने टीम का गठन कर भूमि की पैमाइश भी कराई है। बताया जाता है कि यह भूमि उत्तराखंड के क्षेत्र में ही यूपी सीमा के पास स्थित है। बुधवार तड़के शेरपुर बेला गांव में ग्राम प्रधानपति सुखदेव की बैठक पर शेरपुर बेला और माडाबेला गांव के प्रधान सोहनवीर की अगुवाई में बैठक चल रही थी।
इसी दौरान किसी ग्रामीण ने खानपुर एसओ रविंद्र कुमार को सूचना दी कि बैठक में विवाद होने की आशंका है। इस पर खानपुर एसओ ने पुलिस टीम को शेरपुर बेला गांव भेजकर ग्राम प्रधान और जिम्मेदारों लोगों को थाने बुलवाए जाने के निर्देश दिए। जैसे ही पुलिस शेरपुर बेला गांव में पहुंची और दोनों ग्राम प्रधानों को गाड़ी में बैठाने लगी तो इसी दौरान ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
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शेरपुर बेला के ग्राम प्रधान पति सुखदेव द्वारा बिना पुलिस को सूचना दिए जमीन पर कब्जे को लेकर बैठक की गई थी। विवाद रोकने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों प्रधानों को थाने में लाने के लिए गाड़ी में बैठाया तो ग्रामीणों ने पुलिस टीम हमला व पथराव कर दिया। सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। – अजय सिंह, एसएसपी हरिद्वार
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