जम्मू कश्मीर: HR नीति बनने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन सौ कर्मचारी होंगे सेवानिवृत्त

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

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– फोटो : अमर उजाला

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जम्मू कश्मीर में आईसीडीएस के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवारत तीन सौ से ज्यादा कर्मचारी आने वाले तीन माह में सेवानिवृत्त होंगी। एचआर नीति बनने के बाद कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इसमें साठ साल तक नौकरी करने की आयु निधारित की गई है। पहले आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों की सेवा 65 साल तक थी।

नए पॉलिसी के तहत अब साठ साल पूरा करने वाली कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इस बारे में विभाग की ओर से भी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को सूचना दे दी गई है। प्रदेश भर में 60 हजार के करीब आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। नई पॉलिसी के तहत सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। हालांकि विभाग की ओर से इस बारे में सचिवालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें वित्तीय सहायता देने का जिक्र किया गया है।

कर्मचारी तीस से 40 सालों से आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवाएं दे रही हैं। इस फैसले का आंगनबाड़ी वर्कर्स विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि एक तरफ सरकार सेवानिवृत्त कर रही, दूसरी तरफ सरकार वित्तीय लाभ भी नहीं दे रही। सेवानिवृत्त होने के बाद कैसे घर का खर्च चलेगा।  

कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। सेवानिवृत्त होने पर वित्तीय लाभ नहीं मिल रहा है। इस कारण तीस से चालीस साल तक सेवाएं देने के बाद कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वित्तीय लाभ भी दिया जाए। -रिशू शर्मा, महासचिव, आंगनबाड़ी वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन।

नई पॉलिसी के तहत सेवानिवृत्त आयु 60 साल निर्धारित की गई है। पहले 65 साल तक थी। साठ साल पूरे होने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा रहा है। -रबीना कौसर, निदेशक, आईसीडीएस।

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जम्मू कश्मीर में आईसीडीएस के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवारत तीन सौ से ज्यादा कर्मचारी आने वाले तीन माह में सेवानिवृत्त होंगी। एचआर नीति बनने के बाद कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इसमें साठ साल तक नौकरी करने की आयु निधारित की गई है। पहले आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों की सेवा 65 साल तक थी।

नए पॉलिसी के तहत अब साठ साल पूरा करने वाली कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इस बारे में विभाग की ओर से भी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को सूचना दे दी गई है। प्रदेश भर में 60 हजार के करीब आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। नई पॉलिसी के तहत सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। हालांकि विभाग की ओर से इस बारे में सचिवालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इसमें वित्तीय सहायता देने का जिक्र किया गया है।

कर्मचारी तीस से 40 सालों से आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवाएं दे रही हैं। इस फैसले का आंगनबाड़ी वर्कर्स विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि एक तरफ सरकार सेवानिवृत्त कर रही, दूसरी तरफ सरकार वित्तीय लाभ भी नहीं दे रही। सेवानिवृत्त होने के बाद कैसे घर का खर्च चलेगा।  

कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। सेवानिवृत्त होने पर वित्तीय लाभ नहीं मिल रहा है। इस कारण तीस से चालीस साल तक सेवाएं देने के बाद कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वित्तीय लाभ भी दिया जाए। -रिशू शर्मा, महासचिव, आंगनबाड़ी वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन।

नई पॉलिसी के तहत सेवानिवृत्त आयु 60 साल निर्धारित की गई है। पहले 65 साल तक थी। साठ साल पूरे होने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्त किया जा रहा है। -रबीना कौसर, निदेशक, आईसीडीएस।



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