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ऊना में अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन शुरू
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश में पहली बार पशुपालन विभाग ने ऊना में आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन शुरू कर दिया है। इससे क्षेत्र में पशुओं की बीमारियों की जांच कर उनका पता लगाने में आसानी होगी। यह मशीन हरोली विधानसभा के पशु अस्पताल ललड़ी में स्थापित की है। अब पशुओं को जांच करवाने के लिए किसान यहां आने लगे हैं। प्रदेश के किसी भी जिले में पशुओं की बीमारी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित नहीं थी।
ऊना प्रदेश का पहला ऐसा जिला बना है, जहां यह मशीन संचालित हुई है। मशीन की कीमत 13.70 लाख रुपये है। हरोली क्षेत्र में सबसे अधिक पशुपालन किया जाता है। क्षेत्र में करीब 50 प्रतिशत दूध का उत्पादन अकेले हरोली में होता है। ऐसे में यहां पशुओं की संख्या भी अधिक है। इसे ध्यान में रखते हुए हरोली के पशु अस्पताल ललड़ी में मशीन लगाई गई है। पशुपालकों को इस सुविधा से काफी राहत मिली है।
पशुपालक निर्मला वी, नीना, ब्रह्मदास, गुरमेल सिंह, रविंद्र कुमार ने बताया कि पशुओं की आंतरिक बीमारी का पता नहीं चलने से कई पशुओं की मौत हो जाती है। अल्ट्रासाउंड से पशुओं की बीमारी का पता लगाकर उसका सटीक इलाज संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी सौगात है। बता दें कि ललड़ी पशु अस्पताल में न केवल जिला ऊना, बल्कि जिला बिलासपुर, जिला कांगड़ा के भी लोग अपने पशुओं के बेहतरीन इलाज के लिए आते हैं।
पशु अस्पताल ललड़ी में आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन से पशुओं की जांच शुरू हो चुकी है। अब पशुपालकों को इस सुविधा के लिए पंजाब के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं है। विभाग की ओर से लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।-विनय शर्मा, उपनिदेशक, जिला पशुपालन विभाग।
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