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पटना. बिहार में सीट बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख पशुपति कुमार पारस आज एनडीए से बाहर होने का णएलान कर दिया. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया हैं. पशुपति पारस दिल्ली पत्रकारों से बात करते हुए यह घोषणा की. इसके साथ ही शाम को चार बजे पारस दिल्ली से पटना के लिए रवाना होंगे. सूत्रों के मुताबिक पशुपति पारस और उनके पार्टी के नेता राजद के संपर्क में हैं. हालांकि, यहां भी बात बनने की संभवना बेहद कम है.
राजग के अंदर नहीं मिली थी कोई सीट
दरअसल, एनडीए सीट बंटवारे को लेकर हुए समझौते में राजग में शामिल केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के दावे को नजरअंदाज किया गया है. एनडीए में उसे एक भी सीट नहीं दी गई है. यहां भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा महासचिव व बिहार मामलों के प्रभारी विनोद तावड़े ने यह घोषणा की थी.
राजद से हो सकती है बातचीत
वहीं, सोमवार को दिल्ली में राजग द्वारा बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे की घोषणा के बाद पारस ने अपने सरकारी आवास पर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की. इसमें राजग से नाता तोड़ कर महागठबंधन में शामिल होने का फैसला लिया गया. बैठक में पशुपति पारस ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि जब राजग ने हमारी पार्टी का सम्मान नहीं किया है तो पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है. इसको लेकर हमारी पार्टी की बात लालू यादव से हुई है और यह बात सकरात्मक रही है. हालांकि, फिलहाल इसको लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
इन सीटों पर हो सकती है राजद से बातचीत
दिल्ली में पारस के आवास पर देर शाम तक चली राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) की बैठक में अन्य विकल्प पर चर्चा हुई. इससे पहले भी पारस ने पहले ही साफ कर दिया था कि हम राजग में सीट शेयरिंग की घोषणा तक इंतजार करेंगे. अब हमारे लिए एकमात्र विकल्प बचा है. पार्टी के लिए अस्तित्व का सवाल है. राजग में मेरे साथ न्याय नहीं हुआ. पार्टी सूत्रों ने बताया कि महागठबंधन में हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, वैशाली और नवादा लोकसभा सीट मिलेगी. पारस खुद हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे.
राजग में चिराग को मिली है पांच सीटें
बिहार में बीजेपी 17, जेडीयू 16 और चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी(आर) को 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक सीट दी गई है. एनडीए में शामिल एलजेपी के पशुपति पारस गुट को एक भी सीट नहीं दी गई है. लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा, जद(यू) और लोजपा को संयुक्त रूप से 39 सीट पर जीत मिली थी. राज्य में राजग का मत प्रतिशत 53 से अधिक था, जो विपक्षी ‘महागठबंधन’ को मिले मतों से लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा था.
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