रांची महाधर्मप्रांत के नए आर्चबिशप विसेंट आईंद ने ली शपथ, प्रतिष्ठापन समारोह लोयोला मैदान में संपन्न

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रांची: कैथोलिक कलीसिया रांची महाधर्मप्रांत के नये आर्चबिशप विसेंट आईंद का प्रतिष्ठापन (शपथ ग्रहण) समारोह मंगलवार को रांची के पुरुलिया रोड स्थित लोयोला मैदान में संपन्न हुआ. इस मौके पर उन्होंने रांची महाधर्मप्रांत के सातवें आर्चबिशप के रूप में शपथ ली. इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पोप फ्रांसिस के भारत और नेपाल के राजदूत नूनसियो लियोपोल्दो जेरेल्ली शामिल थे.

पोप फ्रांसिस का आदेशपत्र पढ़कर सुनाया
संत मरिया महागिरजाघर के पुरोहित फादर आनंद डेविड ने पोप फ्रांसिस के आदेशपत्र को पढ़कर सुनाया. इस आदेश पत्र में पोप द्वारा विसेंट आईंद को रांची का आर्चबिशप बनाने की घोषणा की गयी थी. यह पत्र विश्वासियों को दिखाया गया. इसके बाद नवनियुक्त आर्चबिशप विसेंट आईंद को उनकी विशेष कुर्सी ‘कैथेड्रा’ पर बिठाया गया. साथ ही निवर्तमान आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने आर्चबिशप विसेंट आईंद को उनकी ‘मेषपालीय दंड’ (छड़ी) सौंपा. आर्चबिशप अपने धर्मप्रांत के चरवाहे के रूप में होते हैं जो अपनी भेड़ों (विश्वासियों) के झुंड की देखरेख और रक्षा करते हैं. आज जिस कुर्सी पर उन्हे बिठाया गया और जो छड़ी उन्हें सौंपी गयी वह उनके विशेषाधिकारों को इंगित करती है. धर्मविधि के दूसरे चरण में आर्चबिशप विसेंट आईंद ने विश्वासियों के समक्ष पहली बार मिस्सा आराधना संपन्न की. इस अवसर पर उन्होंने अपने उपदेश में कहा कि संत जोसेफ के पर्व के अवसर पर मुझे आर्चबिशप की बड़ी जिम्मेदारी मिली है.

28 बिशप शामिल हुए
समारोह में 28 बिशप शामिल हुए. इनमें दिल्ली के बिशप अनिल, कोलकाता के बिशप थॉमस डिसूजा, पटना के बिशप सेबेस्तियन, डाल्टनगंज के बिशप थियोडोर मास्करेहंस सहित अन्य बिशप शामिल थे. साथ ही सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर अजीत खेस, संत अन्ना धर्मसमाज की मदर सिस्टर लिली ग्रेस टोपनो, उर्सुलाइन कान्वेंट की प्रोंवेंशियल सिस्टर ईवा जस्टीना रोमोल्डा शामिल थे.

जलपाईगुड़ी के रहनेवाले हैं आर्चबिशप, आठ भाषाओं के हैं ज्ञाता
आर्चबिशप विसेंट आईंद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी (कालचीनी) के रहनेवाले हैं. उनका जन्म 30 जनवरी 1955 को हुआ था. वे आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं. उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया. उन्होंने थियोलॉजी और फिलॉसफी की शिक्षा ली. इसके अलावा रोम के पोंटिफिशियल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी रोम से फिलॉसफी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. आर्चबिशप आठ भाषाओं के ज्ञाता हैं वे अंग्रेजी, हिंदी, नेपाली, बंगाली, सादरी, मुंडारी, इटालियन और फ्रेंच भाषाओं के ज्ञाता हैं.

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