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कांग्रेस नेता राहुल गांधी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
– फोटो : amar ujala
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लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के तहत कांग्रेस और सपा के बीच रणनीति बनी है। इसके तहत दोनों पार्टियों के नेता प्रदेश मुख्यालय से लेकर जिला स्तर पर एक साथ ही बैठेंगे। चुनावी वाररूम में भी दोनों की संयुक्त टीमें होंगी। कांग्रेस और सपा के दो-दो वरिष्ठ नेता प्रदेश मुख्यालय में हर दिन वाररूम में मौजूद रहेंगे।
दोनों दलों के पांच-पांच वरिष्ठ नेताओं की एक अलग समन्वय समिति बनेगी, जो जिलों की स्थिति की निगरानी करेगी। प्रदेश स्तर पर बनने वाली यह समन्वय समिति लोकसभा चुनाव संचालन के लिए दिशा-निर्देश तय करेगी।
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हर लोकसभा में एक कांग्रेस और एक सपा नेता समन्वयक होगा। यह प्रदेश मुख्यालय से भेजे गए संदेश को अन्य नेताओं तक पहुंचाएगी। दोनों पार्टी के प्रवक्ता एक ही लाइन पर बयान जारी करेंगे। हर लोकसभा क्षेत्र में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस होगी।
जिला स्तर पर भी सपा और कांग्रेस के एक-एक नेता समन्वयक की भूमिका में होंगे। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने समन्वय मजबूत रखने का निर्देश दिया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि समन्वय समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोनों दलों के नेताओं के नाम तय किए जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन पूरी रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतर रहा है।
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