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lok sabha election 2024
– फोटो : अमर उजाला
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एक वक्त था, जब आजादी के बाद बुंदेलखंड समेत पूरे देश में कांग्रेस का परचम लहरा रहा था। लगभग सभी सीटों पर दशकों तक कांग्रेस के ही सांसद जीतकर दिल्ली पहुंचते रहे। इसी तरह आज भले ही भाजपा विश्व की नंबर वन पार्टी हो और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार चला रही हो, लेकिन सूबे की राजनीति में एक दौर वह भी आया, जब खासतौर पर बुंदेलखंड, क्षेत्रीय दलों का गढ़ बन गया था। पूरे इलाके में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी का दबदबा था। यह वक्त था साल 1996 से लेकर 2009 तक का। जब इन क्षेत्रीय दलों के धुरंधरों ने भाजपा और कांग्रेस के लड़ाकों के पैर इस कदर उखाड़े कि सांसदी के चुनाव में उन्हें तीसरे और चौथे नंबर से ही संतोष करना पड़ रहा था। बुंदेलखंड में समय के साथ राजनीति ने किस तरह ली करवट नीरज दीक्षित की रिपोर्ट-
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