लोकसभा चुनाव: नेकां पर बरसे रहमान पारा, बोले- अगर पीडीपी से चर्चा करते तो कश्मीर की सीटों को छोड़ देते

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Lok Sabha Elections: Rehman Para said If nc discussed with PDP would have given up Kashmir seats

NC & PDP
– फोटो : संवाद

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पीडीपी के नेता वहीद उर रहमान पारा ने गुरुवार को कहा कि अगर फारूक अब्दुल्ला या उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर की तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने के फैसले की घोषणा करने से पहले पीडीपी से चर्चा की होती तो महबूबा मुफ्ती ने इन सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) का समर्थन किया होता।

रहमान पारा ने पुलवामा में संवाददाताओं से कहा, ”जहां तक मुझे पता है, अगर फारूक अब्दुल्ला या उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती से कहा होता कि ये सभी सीटें उन्हें दे दी जाएं, तो उन्होंने ऐसा किया होता।”

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के युवा अध्यक्ष ने कहा कि पीएजीडी गठबंधन पांच साल से काम कर रहा है, लेकिन नेकां नेता अब नंबर एक पार्टी होने के बारे में अहंकारी से ग्रस्त बयान दे रहे हैं।

पांच साल तक, नेकां ने डीडीसी चुनावों, निगम चुनावों और कई अन्य मुद्दों के लिए इस गठबंधन को बनाए रखा। जब लोगों को एकजुट रखने का समय आया, तो उन्होंने लोगों को विभाजित करने का फैसला किया। और यह कहने में उनका अहंकार था कि हमारी पार्टी कहीं नहीं है, पीडीपी के पास कोई वोट नहीं है।

रहमान ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस ने बहिष्कार की स्थिति के कारण कश्मीर में 2019 का लोकसभा चुनाव जीता था। उन्होंने कहा, “वे (2019 में) बहिष्कार की स्थिति में जीते और अब दावा करते हैं कि नेकां नंबर एक पार्टी है और पीडीपी कहीं भी जमीन पर नहीं है। मुझे लगता है कि जम्मू-कश्मीर के लोग हर बयान और हर नेता पर नजर रखते हैं। वे वैसा ही फैसला करेंगे जैसा उन्होंने 2002 में किया था।”

नेकां सांसदों पर निशाना साधते हुए रहमान ने पूछा कि लोकसभा में अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्या हासिल किया।

उन्होंने कहा, “जहां तक पीडीपी का सवाल है, हम एकता के पक्ष में हैं और हमारे इरादे नेक थे। लोकसभा में उनके तीन सांसद थे। उन्होंने क्या किया? उन्होंने क्या मुद्दे उठाए? जब राज्य में जमीन खाली कराने का अभियान चल रहा था, तो वह महबूबा थीं, जिसने आवाज उठाई। मुफ्ती ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यहां तक कि जब ईडी फारूक अब्दुल्ला को बुलाती है, तो वह महबूबा मुफ्ती ही हैं जो अपनी आवाज उठाती हैं।”

पीडीपी की अध्यक्ष मुफ्ती ने आठ मार्च को कश्मीर में सभी तीन लोकसभा सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनाव लड़ने पर नाखुशी व्यक्त करते हुए कहा था कि यह फैसला निराशाजनक और जम्मू-कश्मीर के लोगों की उम्मीदों को झटका है। उन्होंने नेकां पर अपने पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) को खंडित करने का भी आरोप लगाया था।

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