[ad_1]
प्रतापगढ़ में फर्नीचर कारोबारी मो. नईम की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कल्लू डॉन गैंग के सदस्यों से छह लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। बिगड़ैल बेटा पाबंदियों से तंग था। आरोपी बेटे ने एक लाख रुपये एडवांस दिए थे।
गुरुवार को बाईपास के पास नगर पंचायत मोड़ पर वारदात के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े एक आरोपी शूटर ने इसका खुलासा किया। पुलिस ने अब बेटे समेत दो आरोपियों को हिरासत में ले रखा है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
उधर, फर्नीचर कारोबारी नईम की हत्या के गम में डूबी पत्नी शमीम की आंखों के आंसू उस वक्त बर्फ हो गए, जब कत्ल का आरोप बेटे पर आया। जनाजे से वापस लौटने के बाद शमीम ने उसे घर के भीतर बुलाया। सवाल दागा कि यह क्या कर दिया तूने। तेरा कौन सा शौक पूरा नहीं किया। जिसने तुझे इतना बड़ा किया, उसे ही हमसे दूर कर दिया। तुझे करनी की सजा जरूर मिलेगी।
रात से ही पुलिस की नईम के बेटे पर निगाह थी। जनाजे के दौरान उसके इर्दगिर्द सुरक्षाकर्मियों की मौजदूगी से लोगों की आंशका प्रबल होती जा रही थी। रिश्तेदारों में कानाफूसी शुरू हो चुकी थी। हिरासत में लेने के बाद तो हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
बेटे की मदद को आगे बढ़ रहे लोगों के कदम रुक गए हैं। पिता के कत्ल के आरोपी को लोग नफरत की निगाह से देखते रहे। चर्चा रही कि कातिल ने दिया कांधा। बहन सना का रो-रोकर बुरा हाल था। बेबस मां कहती रही कि अब वह किसके सहारे जिएगी।
काश, भाई ने कुछ बताया होता तो बच जाती जान
बड़े भाई नसीम का कहना है कि भतीजे के हरकतों के बारे में नईम ने कुछ नहीं बताया। यदि वह कुछ बताए होते तो आज यह नौबत न आती। उनके परिवार पर तो दोहरी मार पड़ी है। सुनने में आ रहा है कि भतीजे के चलते भाई दुनिया से चला गया। उसे थोड़ी भी जानकारी नहीं थी। मझला भाई आसिफ खाड़ी देश से आ रहा है। परिवार को संभालना मुश्किल है।
[ad_2]
Source link