हाईकोर्ट ने कहा : निर्धारित समयावधि के बाद निरस्त नहीं हो सकता पट्टा

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High Court said: Lease cannot be canceled after the stipulated time period

अदालत।
– फोटो : अमर उजाला।

विस्तार


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पट्टा आवंटन के 15 साल बाद उठाई गई आपत्ति के आधार पर पट्टा निरस्तीकरण के आदेश को अवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा, उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन व भू-राजस्व संहिता में निर्धारित अवधि के बाद पट्टा निरस्त नहीं किया जा सकता।

 

यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय की एकल पीठ ने अलीगढ़ हीरालाल की ओर से पट्टा निरस्तीकरण के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश के एवज में ग्रामसभा की निधि में याची की ओर से जमा दस हजार रुपये दो माह में वापस करने का निर्देश भी दिया है।

मामला अलीगढ़ की कोल तहसील के पनेंठी गांव का है। याची हीरालाल समेत 19 को गांव की प्रबंध समिति ने 1976 में कृषि भूमि पट्टे पर दी थी। उनके नाम भी राजस्व अभिलेखों में अंकित हो गए थे। वे जमीन पर वास्तविक कब्जे में भी थे। 15 साल बाद विपक्षी ग्रामीणों ने उन्हें पट्टा आवंटन के लिए अयोग्य बताते हुए अपर जिलाधिकारी के समक्ष आपत्तियां दाखिल कीं। इस पर याची समेत सभी 19 आवंटियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के बाद 16 सितंबर 1993 को पट्टा निरस्त कर दिया गया।

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