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जम्मू कश्मीर चुनाव (फाइल)
– फोटो : अमर उजाला
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देशभर में कश्मीरी विस्थापितों को आगामी लोकसभा चुनाव में डाक मतपत्रों और जम्मू, उधमपुर व नई दिल्ली में स्थापित विशेष मतदान केंद्रों के माध्यम से मतदान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह सुविधा बारामूला, श्रीनगर और अनंतनाग-राजोरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के उन सभी मतदाताओं के लिए है, जो पलायन करके अस्थायी रूप से विभिन्न स्थानों पर रह रहे हैं।
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने कश्मीरी विस्थापितों के मतदान के लिए एक व्यापक योजना की अधिसूचना जारी की है। तीसरे चरण में 7 मई को अनंतनाग-राजोरी, चौथे चरण में 15 मई को श्रीनगर और 20 मई को पांचवें चरण में बारामुला संसदीय सीट पर मतदान होना है।
चुनाव आयोग ने कश्मीरी प्रवासियों को निर्दिष्ट और अधिसूचित निर्वाचक के रूप में वर्गीकृत करते हुए दो अधिसूचनाएं जारी की हैं। पहली अधिसूचना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 25 के साथ पढ़े गए संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग में निहित शक्तियों के तहत जारी की गई है, जो कश्मीर घाटी के विस्थापित मतदाताओं को निर्दिष्ट करती है जो किसी भी संसदीय में नामांकित हैं।
बारामूला, श्रीनगर और अनंतनाग-राजोरी के निर्वाचन क्षेत्र के कश्मीरी जो अपने सामान्य निवास स्थान से बाहर रह रहे हैं (उन लोगों के अलावा जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 60 के खंड (सी) के तहत डाक मतपत्र का विकल्प चुनते हैं) के लिए लोकसभा में संबंधित संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की क्षेत्रीय सीमाओं के बाहर विशेष मतदान केंद्र में मतदान करेंगे। इसी तरह अन्य अधिसूचना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 (सी) के तहत डाक मतपत्रों द्वारा अपना वोट देने की सुविधा होगी।
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