[ad_1]

व्यवहार न्यायालय, बेतिया
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के बेतिया में हत्या मामले की सुनवाई के बाद पिता-पुत्र और तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद चार साल की सजा सहित चालीस-चालीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दरअसल, शनिवार को सजा के बिंदु पर जिला सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मांझी ने कांड की बहस सुनने के बाद दोषसिद्ध आरोपी उधम यादव, शंभू यादव, धनई यादव और लूटन यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने प्रत्येक सजायाफ्ता को चालीस-चालीस हजार रुपये जुर्माना भी देने का आदेश दिया है।
अपर लोक अभियोजक कन्हैया प्रसाद ने बताया कि घटना 12 अप्रैल 2020 की है। जानकारी के मुताबिक, तीनों सजायाफ्ता सहोदर भाई है। जबकि एक अन्य लूटन यादव है जो शंभू यादव का बेटा बताया गया है। बताया जा रहा है कि 11 अप्रैल 2020 को सूचक सबरू यादव ने एक ग्रामीण के हाथों चार बांस बेचे थे। इस पर आरोपी शंभू यादव ने विरोध करते हुए कहा कि जो बांस बेचे गए हैं, उसमें मेरा भी हिस्सा है। तुम्हें अकेले बांस बेचने का अधिकार नहीं है।
इसी विवाद को लेकर आरोपी रात में लाठी, गड़ासा, भाले से लैस होकर सबरू यादव के घोठा पर पहुंचे। फिर वे वहां सोए उसके पिता भारत यादव को गाली देने लगे। घोठा में सोए भरत यादव और उसके भाई रामू यादव ने बाहर निकल कर उन्हें गाली देने से मना किया। इस पर आरोपी ने भरत यादव को भाले, गड़ासे और लाठी से पीट-पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जब भरत यादव का भाई रामू उन्हें बचाने आया तो सभी उसे भी लाठी से पीटकर जख्मी कर दिया। इस दौरान जख्मी भरत यादव की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।
इस मामले में न्यायाधीश ने आरोपियों को धारा 148, 323, 341 में भी दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। घटना के बाद मृतक के बेटे सबरू यादव ने आरोपियों के खिलाफ लौरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
[ad_2]
Source link