Delhi : कांत प्रोजेक्ट हल करेगा अंग्रेजी और गणित की मुश्किलें, शिक्षा निदेशालय की पहल

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दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। शिक्षा निदेशालय दूसरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए ‘कांत लर्निंग प्रोसेस’ प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है।

तुगलकाबाद स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय को लर्निंग सिस्टम को स्थापित करने के लिए चयनित किया गया है। जबकि 62 स्कूलों से इस प्रोजेक्ट की शुरूआत होगी। इस प्रोजेक्ट में वीडियो गेम, टीवी, क्विज के माध्यम से बच्चों को अंग्रेजी, साइंस, व गणित का ज्ञान दिया जाएगा। 

शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह प्रक्रिया किसी भी स्तर पर शिक्षा प्रदान करने की समस्या का एक इंजीनियरिंग समाधान है। इसके तहत अंग्रेजी, साइंस व गणित विषयों पर फोकस किया जाएगा। इसमें बच्चों को तनाव मुक्त शिक्षण वातावरण मिलेगा।

शिक्षक इस प्रक्रिया को अच्छी तरीके से समझ सकें इसके लिए 28 दिसंबर को चयनित किए गए 62 स्कूलों के 124 शिक्षकों को कांत लर्निंग टीम प्रशिक्षित करेगी। तीन घंटे के सत्र में उन्हें इस प्रक्रिया की बारीकियों को सिखाया जाएगा। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया पर भी नजर रखी जा सकेगी। मेरिट बोर्ड पर कौन बच्चा कब आगे जा रहा है कब पीछे, उससे बच्चे की प्रगति का पता चलेगा।

ये है कांत लर्निंग प्रोसेस सिस्टम 
कांत प्रक्रिया छात्रों के लिए निरंतर मूल्यांकन वातावरण बनाकर हर समय ध्यान देने के लिए प्रेरित करती है। यह प्रक्रिया छात्रों के निरंतर मूल्यांकन पर आधारित है। इसमें कक्षा को कई समूह में बांटा जाता है और बच्चों को उनकी योग्यता के आधार(मेरिट) पर टीवी के सामने बिठाया जाता है। साथ ही विषय से संबंधित रैपिड क्विज टीवी पर प्रदर्शित किए जाते हैं। 15-25 क्विज एक घंटे में होते हैं। इससे छात्र का ध्यान नहीं भटकता। विजेता बनने पर बच्चों की सीटों को भी अदला-बदला जाता है।

दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। शिक्षा निदेशालय दूसरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए ‘कांत लर्निंग प्रोसेस’ प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है।

तुगलकाबाद स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय को लर्निंग सिस्टम को स्थापित करने के लिए चयनित किया गया है। जबकि 62 स्कूलों से इस प्रोजेक्ट की शुरूआत होगी। इस प्रोजेक्ट में वीडियो गेम, टीवी, क्विज के माध्यम से बच्चों को अंग्रेजी, साइंस, व गणित का ज्ञान दिया जाएगा। 

शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह प्रक्रिया किसी भी स्तर पर शिक्षा प्रदान करने की समस्या का एक इंजीनियरिंग समाधान है। इसके तहत अंग्रेजी, साइंस व गणित विषयों पर फोकस किया जाएगा। इसमें बच्चों को तनाव मुक्त शिक्षण वातावरण मिलेगा।

शिक्षक इस प्रक्रिया को अच्छी तरीके से समझ सकें इसके लिए 28 दिसंबर को चयनित किए गए 62 स्कूलों के 124 शिक्षकों को कांत लर्निंग टीम प्रशिक्षित करेगी। तीन घंटे के सत्र में उन्हें इस प्रक्रिया की बारीकियों को सिखाया जाएगा। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया पर भी नजर रखी जा सकेगी। मेरिट बोर्ड पर कौन बच्चा कब आगे जा रहा है कब पीछे, उससे बच्चे की प्रगति का पता चलेगा।

ये है कांत लर्निंग प्रोसेस सिस्टम 

कांत प्रक्रिया छात्रों के लिए निरंतर मूल्यांकन वातावरण बनाकर हर समय ध्यान देने के लिए प्रेरित करती है। यह प्रक्रिया छात्रों के निरंतर मूल्यांकन पर आधारित है। इसमें कक्षा को कई समूह में बांटा जाता है और बच्चों को उनकी योग्यता के आधार(मेरिट) पर टीवी के सामने बिठाया जाता है। साथ ही विषय से संबंधित रैपिड क्विज टीवी पर प्रदर्शित किए जाते हैं। 15-25 क्विज एक घंटे में होते हैं। इससे छात्र का ध्यान नहीं भटकता। विजेता बनने पर बच्चों की सीटों को भी अदला-बदला जाता है।



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