Haridwar: स्वामी शिवानंद ने उठाई मांग, कहा- गंगा के पांच किमी दायरे से हटें स्टोन क्रशर

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स्वामी शिवानंद

स्वामी शिवानंद
– फोटो : फाइल फोटो

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हरिद्वार में मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में लगाए गए स्टोन क्रशर हटाए जाएं। अवैध खनन पर भी रोक लगाने के लिए हाई पावर लेवल की कमेटी का गठन किया जाए। 

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शुक्रवार को जगजीतपुर स्थित मातृ सदन आश्रम में पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से रायवाला से भोगपुर तक गंगा के पांच किलोमीटर के दायरे में खनन करने और स्टोन क्रशर लगाने पर रोक लगाई गई है, लेकिन पांच किलोमीटर के दायरे में अनेक स्टोन क्रशर लगे हुए हैं। इनकी आड़ में अवैध खनन भी किया जा रहा है। इससे गंगा रक्षा के लिए स्टोन क्रशरों को हटाया जाना बेहद जरूरी है। 

उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर बनाई जाने वाली कमेटी में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज या चीफ सेक्रेटरी स्तर के रिटायर्ड अधिकारियों को शामिल किया जाए। कमेटी का गठन भी अतिशीघ्र किया जाए। ताकि गंगा को खनन माफिया से सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का 9 अक्तूबर 2018 का आदेश यथावत है। इसके अनुसार रायवाला से भोगपुर तक गंगा और उसकी सहायक नदियों में खनन नहीं किया जा सकता है। यदि जल्द अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो मातृ सदन गंगा को बचाने के लिए आंदोलन करने को मजबूर होगा। 

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हरिद्वार में मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में लगाए गए स्टोन क्रशर हटाए जाएं। अवैध खनन पर भी रोक लगाने के लिए हाई पावर लेवल की कमेटी का गठन किया जाए। 

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उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर बनाई जाने वाली कमेटी में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज या चीफ सेक्रेटरी स्तर के रिटायर्ड अधिकारियों को शामिल किया जाए। कमेटी का गठन भी अतिशीघ्र किया जाए। ताकि गंगा को खनन माफिया से सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का 9 अक्तूबर 2018 का आदेश यथावत है। इसके अनुसार रायवाला से भोगपुर तक गंगा और उसकी सहायक नदियों में खनन नहीं किया जा सकता है। यदि जल्द अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो मातृ सदन गंगा को बचाने के लिए आंदोलन करने को मजबूर होगा। 



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