माफिया मुख्तार की तबीयत बिगड़ी: आईसीयू में भर्ती, पुलिस छावनी में बदला मेडिकल कॉलेज परिसर

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Mafia Mukhtar health deteriorated, admitted in ICU in Rani Durgavati Medical College

माफिया मुख्तार की तबीयत बिगड़ी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बांदा जिले के मंडल कारागार में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की सोमवार रात साढ़े 11 बजे अचानक हालत बिगड़ गई। पेट दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसकी जांच की। सुधार न होने पर मंगलवार सुबह उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है। चार-पांच दिन से मल न होने के कारण कब्ज के साथ साथ पेट की गैस पास न होने के चलते मुख्तार को तकलीफ हुई थी। दोपहर को उसका भाई सांसद अफजाल अंसारी, बेटा उमर व बहू निखत भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जिला कारागार से मेडिकल कॉलेज ले जाने वाले डॉ. ह्दयेश पटेल, डॉ. शिशिर व डॉ. एसडी त्रिपाठी के मुताबिक रमजान में रोजे की वजह से चार-पांच दिन से मुख्तार को कब्ज की शिकायत थी।

गैस पास न होने की वजह से पेट फूलने लगा और दर्द बढ़ गया। मेडिसिन से कवर न होने पर मंगलवार की सुबह एंबुलेंस से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उसे इमरजेंसी में देखकर आईसीयू में भर्ती किया गया है। यहां सर्जरी विभाग के डॉ. कुलदीप, आईसीयू इंचार्ज डॉ. सुशील व मेडिसिन विभागाध्यक्ष आदि की टीम ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। फिलहाल मुख्तार को आराम मिला है, वह अपने भाई अफजाल से भी मिला है और बातचीत की है।

पुलिस छावनी में बदला कॉलेज परिसर

माफिया मुख्तार के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर कॉलेज परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एडीएम राजेश कुमार, एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र समेत जिले के कई थानों का फोर्स मुख्तार की सुरक्षा में तैनात रहा। दोपहर एक बजे करीब अपनी-अपनी गाड़ियों से माफिया के भाई सांसद अफजाल अंसारी और छोटा बेटा उमर अंसारी और बड़े बेटे अब्बास की पत्नी निकहत अंसारी मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां अफजाल अंसारी ने भी रोजे की वजह से कब्जियत की बात कही है। उधर, बेटे उमर अंसारी ने पिता से न मिलने देने का आरोप लगाया है।

आसपास बने वार्डों से तीमारदार हटाए गए

माफिया मुख्तार अंसारी के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा की दृष्टि से आईसीयू के आसपास बने वार्डों से तीमारदारों को हटाया गया। एक मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार के रहने की इजाजत दी गई। इस पर मरीजों के साथ आए तीमारदार लॉबी में पड़े रहे।

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