[ad_1]

अखिलेश यादव
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में लोकसभा चुनाव के लिए 12 अप्रैल से नामांकन होंगे। भाजपा और बसपा ने पत्ते खोल दिए हैं। गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने फतेहपुर सीकरी में प्रत्याशी उतार दिया है, लेकिन अनूसचित वर्ग के लिए सुरक्षित आगरा की सीट पर साइकिल को प्रत्याशी नहीं मिल रहा।
पिछले 15 दिनों से सपा में टिकट को लेकर असमंजस है। पूर्व मंत्री के पुत्र पर सहमति बनते-बनते रह गई। सपा के एक सांसद ने पूर्व मंत्री के पुत्र का टिकट नहीं होने दिया। सपा की एक महिला नेत्री भी टिकट की दौड़ में शामिल थीं, लेकिन अब उन्होंने भी हाथ खींच लिए हैं। खटीक समाज से भी दावा हो रहा है, लेकिन कोई कद्दावर नहीं मिल रहा।
आगरा सीट पर नहीं तैयार हो सकी सपा की जमीन
ऐसे में साइकिल अपना सवार तय नहीं कर पा रही। उधर, कई नेताओं को वर्तमान राजनीति में चल रहे हथकंडों से भी डर लग रहा है। आगरा सीट पर सपा की जमीन तैयार नहीं हो सकी। सिने अभिनेता राजबब्बर का ग्लेमर एक बार जरूर चला। तब, सपा से राज बब्बर सांसद बने थे, लेकिन इसमें सिने अभिनेता का ग्लैमर ज्यादा और साइकिल का जनाधार कम था।
नए चेहरे पर दांव लगाएगी पार्टी
पार्टी सूत्रों की मानें, तो पार्टी अब किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी। वो नया चेहरा कौन होगा यह तय नहीं हो पा रहा। हो सकता है नामांकन के समय ही साइकिल सवार का खुलासा हो। जिसे बी फार्म मिलेगा वही नामांकन करेगा। भाजपा ने केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को दूसरी बार टिकट दिया है। बसपा ने पूजा अमरोही को प्रत्याशी बनाया है। इंडिया गठबंधन में आगरा सीट सपा के खाते में आई है।
[ad_2]
Source link