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संभल लोकसभा सीट
– फोटो : सोशल मीडिया
यह संभल की जनता है जनाब। जो मन को भाया उसे सर आंखों पर बैठाया, जो पसंद नहीं आया, उसकी जमानत तक जब्त करा दी। पिछले छह लोकसभा चुनाव में 97 में से 80 प्रत्याशी अपनी जमानत जब्त करा चुके हैं। इनमें प्रमुख पार्टी कांग्रेस, बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी भी शामिल हैं।
जहां इनकी जमानत जब्त हुई, वहीं इन पार्टियों के प्रत्याशियों को अन्य चुनावों में जिताकर संभल की जनता ने संसद भी भेजा है। संभल लोकसभा सीट का गठन 1977 में हुआ था। 2019 तक 12 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। पिछले छह लोकसभा चुनाव में अब तक 97 प्रत्याशियों ने सांसद बनने के लिए अपने भाग्य को आजमाया।
पर छह लोगों को ही संसद पहुंचने का मौका मिला है। वही 80 प्रत्याशी ऐसे रहे हैं, जो कुल मतदान के छठे हिस्से के बराबर भी वोट नहीं पा सके और अपनी जमानत जब्त करा ली। इनमें निर्दलीय प्रत्याशी अधिक हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन था।
सपा प्रत्याशी डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क विजयी रहे थे और भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। वही तीसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे। कांग्रेस सहित दस अन्य प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हुई थी। 1991 के लोकसभा चुनाव में संभल सीट पर बसपा प्रत्याशी की भी जमानत जब्त हुई थी।
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