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जितिन प्रसाद, भगवत सरन गंगवार, अनीस अहमद खान फूलबाबू
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चुनावी महाभारत में मतदाता ‘मछली की आंख’ की भूमिका में है। सभी उम्मीदवारों और प्रमुख दलों की निगाह इन्हीं पर केंद्रित है। मतदाताओं के मत से पीलीभीत की कुर्सी हासिल करने की व्यूह रचना तैयार की गई है। सभी दलों ने अपनी-अपनी रणनीति बनाई है। जातीय समीकरण, युवा-बुजुर्ग और महिला मतदाताओं को अपने पाले में करने की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है।
संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। मॉनीटरिंग टीम भी है। समय-समय पर निर्देश और सुझाव भी जारी किए जा रहे हैं। पीलीभीत लोकसभा सीट फतह करने के लिए प्रमुख दलों की रणनीति पर रिपोर्ट….
जातीय समीकरण साधने की कवायद
समाजवादी पार्टी ने जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर अपना उम्मीदवार उतारा है। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की पहली नजर अपने कैडर वोट कुर्मियों पर है। इसके अलावा पार्टी मुस्लिम मतदाताओं के 95 प्रतिशत मतदाताओं को भी अपने खाते में शामिल कर रही है। जिले में करीब पांच लाख मुस्लिम हैं।
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