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जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
– फोटो : संवाद
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में रोजाना की तरह-स्वच्छ भारत का इरादा, इरादा कर लिया हमने और कूड़ा घर से बाहर ले आईयो, आई नगर निगम की गाड़ी-वाली आवाज शनिवार को लोगों ने नहीं सुनी। दरअसल, कूड़ा कलेक्शन की कार्यदायी कंपनी और चालक, कर्मचारियों के बीच हुए विवाद के बाद कूड़ा एकत्रित का काम रोक दिया गया। हड़ताल की जानकारी जैसे-जैसे अन्य चालक, कर्मचारियों को हुई, तो जो जहां था, उसने वहीं काम रोक दिया।
शहर में कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ियों को चलाने वाले दर्जनों चालक और कर्मचारियों का कार्यदायी कंपनी नेचर ग्रीन के साथ कई मुद्दों को लेकर खींचतान चल रही है। बताया जा रहा है कि कार्यदायी कंपनी ने शनिवार को घोषणा की कि कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ियों के चालक कर्मचारियों के लिए फेस रीडिंग वाली मशीन लगाई जाएगी, जिससे हाजिरी लगेगी। इस बात की जानकारी जैसे ही चालक और कर्मचारियों को हुई तो उन्होंने कूड़ा एकत्रित की हड़ताल कर दी। इससे शहर में कूड़ा न उठने से जगह-जगह गंदगी दिखाई दी।
अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार के समक्ष चालक और कर्मचारियों ने अपनी बात रखी। कंपनी के अधिकारियों और चालक कर्मचारियों के बीच वार्ता के बाद मामला सुलझा लिया गया। उप्र सफाई मजदूर एकता संघ का संयोजक उत्तम चंद सहजना ने बताया कि कंपनी सीएलसी के कर्मचारियों को अपने अधीन करना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ियों के चालक और कर्मचारियों के सामने कुछ भ्रम उत्पन्न हो गया था, जिसे बातचीत के बाद दूर करा दिया गया। -विनोद अग्रवाल, महापौर नगर निगम मथुरा-वृंदावन
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