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शाहगढ़ से माला रेलवे स्टेशन के बीच सीआरएस ने किया निरीक्षण
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली से वाया पीलीभीत-शाहगढ़-लखनऊ रेल रूट पर अप्रैल अंत या मई के दूसरे सप्ताह तक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। पीलीभीत और दुधवा टाइगर रिजर्व से होते हुए निकलने वाले इस रेल रूट का सफर रोमांचकारी भी होगा। सफर के दौरान यात्रियों को जंगल के खूबसूरत नजारे भी देखने को मिलेंगे। शनिवार को मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रणजीत सक्सेना ने निरीक्षण के बाद संतुष्टि जताई। वह रविवार को फिर निरीक्षण करेंगे।
बरेली होकर गुजरने वाली दिल्ली-लखनऊ मुख्य लाइन के अलावा बरेली-रोजा-सीतापुर लाइन पर भी ट्रेनों का काफी दबाव रहता है। कई बार पीलीभीत-बीसलपुर-शाहजहांपुर रूट का भी इस्तेमाल किया जाता है। अब बरेली से पीलीभीत वाया शाहगढ़-मैलानी-लखीमपुर-लखनऊ का एक और रूट मिल गया है। इस रूट पर 12 साल से ट्रेनों का संचालन बंद था। इससे पहले पूर्वोत्तर रेलवे आगरा, मथुरा, कासगंज, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, मैलानी, गोला, लखीमपुर होते हुए लखनऊ तक ट्रेनों का संचालन करता था। अब यह पूरा रेल रूट ब्राडगेज में परिवर्तित हो चुका है।
शाहगढ़-पीलीभीत के बीच करीब आठ किमी हिस्सा पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में होने और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति में देरी के कारण काम अटका हुआ था। अब काम पूरा होने के बाद सीआरएस निरीक्षण भी शुरू हो गया है। उम्मीद है कि अप्रैल अंत तक या मई में इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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