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बिजली
– फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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उत्तराखंड में गर्म पानी के स्रोत अब बिजली बनाने का जरिया बनेंगे। आइसलैंड की तकनीक से गरम पानी की भाप टरबाइनों को घुमाएगी और बिजली पैदा करेगी। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देश में अपनी तरह के पहले प्रोजेक्ट को चमोली के तपोवन में स्थापित करेगा।
उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर जमीन की सतह के भीतर पानी का तापमान काफी अधिक होता है। इनमें गरम पानी के स्रोत भी शामिल हैं। राज्य में कई जगहों पर गरम पानी के स्रोत उपलब्ध हैं। इन्हीं प्राकृतिक गरम पानी के स्रोत का उपयोग अब बिजली बनाने के लिए किया जाएगा। वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. कालाचांद सांई ने बताया कि इसके लिए संस्थान की ओर से बाइनरी पॉवर प्लांट लगाया जाएगा। जिसमें जियो थर्मल एनर्जी से बिजली बनेगी। हाल ही में संस्थान के वैज्ञानिक आइसलैंड से इस तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे हैं।
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