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सांसद संघमित्रा मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य
– फोटो : एएनआई
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बदायूं में मुख्यमंत्री के प्रबुद्ध सम्मेलन में मंच पर आंसू छलकने पर पिता स्वामी प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया पर सांसद संघमित्रा मौर्य ने कहा कि कभी कोई पिता नहीं चाहेगा कि उसके बच्चों के आंखों में आंसू आएं। अगर बेटी की आंखों में आंसू देखकर पिता को गुस्सा आता है तो इसमें गलत क्या है। बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि संघमित्रा को ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
सांसद से जब पूछा गया कि सार्वजनिक रूप से पिता की नाराजगी का क्या मतलब है? वह चाहते तो आपको फोन पर बात करके डांट सकते थे। इस पर सांसद बोलीं- ठीक है, अगर बच्चे गलती करते हैं तो माता-पिता को पूरा अधिकार होता है कि वे नाराजगी जताएं। बच्चे कितने भी बड़े हो जाएं, मां-बाप से बड़े कभी नहीं हो सकते।
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ऐसी क्या बात थी, जिसकी वजह से पिता ने ऐसा बयान दिया। इस पर संघमित्रा ने कहा कि हो सकता है कि उन्हें कुछ गलत लगा हो। चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्तता की वजह से उनसे अभी बात नहीं हुई है। चुनाव पहले हैं, बाकी सब बाद में।
मालूम रहे कि इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर दुर्विजय सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया है। लोगों में मंच पर उनके भावुक होने को इसी से जोड़ कर देखने की चर्चा तेज हुई थी। हालांकि उन्होंने शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के दशरथ की कहानी सुनते वक्त भावुक होने का तर्क दिया था जिससे खुद गुलाब देवी ने इन्कार किया था।
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