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एचसीटीए की राज्य अध्यक्ष डाॅ. वनीता सकलानी
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश कॉलेज टीचर एसोसिएशन (एचसीटीए) ने इस सत्र 2024-25 से हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में लागू होने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एचसीटीए का कहना है कि अधूरी तैयारी के साथ इसे प्रदेश में लागू करना छात्र हित और समाजहित के लिए सही नहीं है। शनिवार को वल्लभ डिग्री कॉलेज मंडी के सभागार में प्रेसवार्ता को संबोधित करते एचसीटीए की राज्य अध्यक्ष डाॅ. वनीता सकलानी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति को लेकर न शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सरंचना में परिवर्तन किया और न ही महाविद्यालय के शिक्षकों विश्वास में लिया है। ऐसे में प्राध्यापकों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम, पाठ्य पुस्तकों व आधारभूत ढांचे के बिना नई शिक्षा नीति को लागू करने का परिणाम वैसा ही होगा जैसा कि पूर्व में लागू की गई रूसा नीति का हुआ है। एनईपी को लागू करने से पहले कॉलेज कैंपस को अपग्रेड करना, आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना और शिक्षकों की भर्ती करना बेहद जरूरी है।
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