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जब विरोधियों ने एक-दूसरे के लिए मांगे थे वोट
– फोटो : अमर उजाला आर्काइव
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देश में आम चुनाव का आगाज हो चुका है। प्रत्याशियों में जीत की ललक उनकी तैयारियों से साफ दिखाई दे रही है। नेता जनसंपर्क कर जनता से अपनी पार्टी के लिए समर्थन मांग रहे हैं। राजनीति में कब क्या हो जाए, किसी को नहीं मालूम। जनसंघ और कांग्रेस हमेशा से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। लेकिन, आगरा में एक ऐसा भी वाकया हुआ जब दो विरोधी पार्टियों के उम्मीदवारों ने एक-दूसरे के लिए वोट मांगे।
हम बात कर रहे है आम चुनाव 1962 की। यह खबर अमर उजाला संस्करण के 15 फरवरी 1962 के अंक में प्रकाशित है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि तीसरे आम चुनाव में आगरा में विरोधियों ने एक दूसरे के लिए समर्थन मांगा था। आजादी के बाद से लेकर सन 2000 के बाद हुए चुनावों में कई बदलाव देखे जा सकते हैं। चाहे वो पार्टी को लेकर हों, प्रत्याशियों के बीच आपसी सद्भावना को लेकर हों या फिर मुकाबले को लेकर हों।
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