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युवाओं को रेस्क्यू अभियान का प्रशिक्षण।
– फोटो : संवाद
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जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के स्पीति में करीब 12,000 फीट ऊंचे पहाड़ पर युवाओं को रेस्क्यू अभियान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें आपदा के समय किस तरह से घायलों को पहाड़ से उतरना और चढ़ना सहित कई तरह की तकनीक को बताया जा रहा है। इसके अलावा रिवर क्रासिंग और अंधेरे में दुर्घटना से बचाव के तरीकों के बारे में सीख रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण मनाली के उपकेंद्र जिस्पा और आपदा प्रबंधक लाहौल-स्पीति की ओर से इस प्रशिक्षण को करवाया जा रहा है।
लाहौल-स्पीति के काजा में 30 दिसंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण को माइनस तापमान में करवाया जा रहा है। खासकर जनजातीय क्षेत्रों में युवाओं को आपदा का गुर सीखना सबसे जरूरी है। घाटी में आपदा के समय यह प्रशिक्षित युवा अपना अहम रोल निभा सकते हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण मनाली के उपकेंद्र जिस्पा एवं जिला आपदा के संयुक्त कार्यक्रम में घाटी के 59 युवाओं को माउंटेन रेस्क्यू, रिवर क्रासिंग, फायर, रॉक और नाइट रेस्क्यू के अलावा रस्सी प्रबंधन, सड़क दुर्घटना में रेस्क्यू सहित कई आपदा के बारे में बताया जा रहा है। आपदा मित्र स्कीम के तहत यह प्रशिक्षण 17 दिसंबर से शुरू हुआ है।
इसमें खास तौर से अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के विशेषज्ञ इंस्ट्रक्टर स्पीति के युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। शिविर में दो लड़कियां भी शामिल हैं। पर्वतारोहण उपकेंद्र जिस्पा के प्रभारी मोहन नाजू के ने कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए इन युवाओं को रेस्क्यू के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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