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फाइल
– फोटो : संवाद
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निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतों पर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने दो जांच कमेटियां तो गठित कर दीं, लेकिन संपर्क के लिए न तो फोन नंबर दिया और न ईमेल आईडी दी। इसके चलते बच्चों के अभिभावक परेशान हो रहे हैं। वह स्कूल से संबंधित अपनी परेशानियों को सोशल मीडिया पर उजागर रहे हैं।
शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की मनमानी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। स्कूल प्रबंधन मनमाने दाम पर पुस्तकें और वर्दी बच्चों को दे रहे हैं। एलकेजी क्लास की पुस्तकों का सेट दो हजार से 2500 रुपये, जबकि कक्षा एक की पुस्तकों का सेट तीन से चार हजार तक दिया जा रहा है। इससे अभिभावक काफी परेशान हैं।
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की इस मनमानी के खिलाफ स्कूल शिक्षा निदेशालय ने एक अप्रैल को दो जांच कमेटियां गठित कीं। हैरानी यह है कि अभिभावक शिकायत के लिए इन कमेटियों से कैसे संपर्क करें, इसके लिए न तो कोई फोन नंबर और न ही ईमेल आईडी जारी की गई। इसके कारण अब अभिभावक अपनी शिकायतों को जांच कमेटी की बजाय सोशल मीडिया पर उजागर कर रहे हैं।
जांच कमेटियों तक शिकायतें नहीं पहुंचने से निजी स्कूल नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। पता चला है कि कुछ स्कूल अभिभावकों से तिमाही स्कूल बस फीस और ट्यूशन फीस देने को मजबूर कर रहे हैं। वहीं किताबों की लिस्ट देकर एक ही दुकान से खरीदने को कह रहे हैं।
आरोप है कि जम्मू का एक निजी स्कूल अभिभावकों से तीन महीने का एक साथ बस शुल्क ले रहा है। एक अभिभावक ने कहा कि परिवहन शुल्क भी अपनी मनमर्जी से लिया जा रहा है। फीस देर से भरने पर 50 रुपये अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी जम्मू जगदीप पाधा ने कहा कि हमारे पास शिकायतें आ रही हैं। लोग मुख्य शिक्षा अधिकारी जम्मू की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत करवा सकते हैं।
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