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अदालत।
– फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीस रुपये की रिश्वत, एक वर्ष की कैद और सौ रुपये जुर्माना की सजा पाने के बाद. सेवा से 40 वर्ष बर्खास्त रहे ट्यूबवेल ऑपरेटर के सेवानिवृत्ति परिलाभ के दावे को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की एकल पीठ ने बरेली के सिंचाई विभाग में तैनात रहे ट्यूबवेल ऑपरेटर नेतराम की याचिका पर उक्त फैसला सुनाया।
कोर्ट ने कहा कहा, सेवाकाल के दौरान अपराध से बरी होने पर ही कर्मचारी सेवानिवृत्ति परिलाभ पाने का हकदार हो सकता है। मौजूदा मामले में याची सेवानिवृत्ति की आयु पूरी कर चुका है। ऐसे में अब उसे सेवा में बहाल नहीं किया जा सकता। इसके अलावा उसकी सेवा अस्थाई प्रकृति की थी, इसलिए वह कोई भी राहत पाने का हकदार नहीं हैं। लिहाजा उसकी याचिका बेदम है और खारिज की जाती है।
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